Anniversary of ‘Operation Sindoor’ : भारतीय सेना ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत और संकल्प का परिचय दिया है। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से ठीक एक दिन पहले, सेना ने सीमा पार बैठे आतंकियों और उनके आकाओं को कड़ा संदेश जारी किया है। सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
Anniversary of ‘Operation Sindoor’ “न्याय मिल गया है”: सेना का सोशल मीडिया पर कड़ा रुख
भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक शक्तिशाली पोस्ट साझा की है। सेना ने लिखा, “जब इंसानियत की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिल गया है। भारत एकजुट है।” इस संदेश के साथ सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का लोगो भी साझा किया, जिस पर साफ अक्षरों में चेतावनी दी गई है—”कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए। भारत कभी भूलता नहीं है।” यह बयान सीधे तौर पर उन तत्वों के लिए है जो भारत की शांति भंग करने का सपना देखते हैं।
Anniversary of ‘Operation Sindoor’ क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’? पहलगाम का हिसाब
पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने कश्मीर के पहलगाम में एक कायरतापूर्ण हमला किया था, जिसमें कई बेगुनाह नागरिकों की जान चली गई थी। इस शहादत का बदला लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।
- सटीक निशाना: इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी लॉन्च पैड्स और उनके बुनियादी ढांचों को तबाह कर दिया था।
- सर्जिकल स्ट्राइक जैसा प्रहार: सेना ने बताया कि ये हमले पूरी तरह से केंद्रित (focused) थे, जिनका एकमात्र उद्देश्य भारत के खिलाफ रची जा रही साजिशों के अड्डों को जड़ से खत्म करना था।
Anniversary of ‘Operation Sindoor’ एकजुट भारत और भविष्य की चेतावनी
सेना के इस ताजा बयान का समय बहुत महत्वपूर्ण है। बरसी से ठीक पहले यह संदेश देना दर्शाता है कि भारतीय सेना न केवल वर्तमान की चुनौतियों से निपट रही है, बल्कि अतीत के हर जख्म का हिसाब भी चुकता कर रही है। सेना के अनुसार, भारत एक एकजुट राष्ट्र के रूप में खड़ा है और भविष्य में भी यदि किसी ने सीमाएं लांघने की कोशिश की, तो उसका परिणाम पहले से भी अधिक विनाशकारी होगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आक्रामक होकर प्रहार करने की क्षमता रखता है।
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