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by-Ravindra Sikarwar

पीएम मोदी आज भावनगर पहुंचेंगे। रोड शो के बाद जवाहर ग्राउंड में जनसभा, शिपिंग-पोर्ट प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोथल में नेशनल मरीन हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण करेंगे।

पीएम मोदी का भावनगर दौरा: रोड शो और जनसभा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के भावनगर में एक दिवसीय दौरे पर आए। वह सुबह लगभग 10 बजे भावनगर एयरपोर्ट पहुंचे और एयरपोर्ट से रोड शो करते हुए जवाहर ग्राउंड पहुंचे। यहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

पीएम मोदी के दौरे का मुख्य उद्देश्य न केवल भावनगर बल्कि पूरे सौराष्ट्र और गुजरात के लिए महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करना है।

सागरमाला और अन्य परियोजनाओं के लिए अनुदान की घोषणा:
प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो और जनसभा के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए फंडिंग की घोषणाएं कीं। इसमें शामिल हैं:

  • सागरमाला 2.0 के लिए 75,000 करोड़ रुपए
  • शिप बिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंट के लिए 24,736 करोड़ रुपए
  • मेरीटाइम डेवलपमेंट फंड के लिए 25,000 करोड़ रुपए
  • शिप बिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के लिए 19,989 करोड़ रुपए
  • पटना, वाराणसी और कोलकाता में जल मेट्रो परियोजनाओं के लिए 2,700 करोड़ रुपए

ये योजनाएं विशेष रूप से पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज मंत्रालय और गुजरात मेरीटाइम बोर्ड से जुड़ी हैं।

मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन:
पीएम मोदी ने बैलार्ड पियर, मुंबई में देश के सबसे बड़े क्रूज टर्मिनल, मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल (MICT) का उद्घाटन किया। यह टर्मिनल ‘क्रूज भारत मिशन’ के तहत विकसित किया गया है।

  • टर्मिनल का क्षेत्रफल: 4.15 लाख वर्ग फुट
  • यात्री क्षमता: सालाना 10 लाख
  • सुविधाएं: 72 चेक-इन और इमिग्रेशन काउंटर, 5 क्रूज शिपों के लिए डॉकिंग

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह टर्मिनल भारत को वैश्विक क्रूज पर्यटन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

लोथल में नेशनल मरीन हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) का निरीक्षण:
प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद जिले के लोथल में नेशनल मरीन हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) का भी दौरा करेंगे। यह परियोजना 4,500 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जा रही है।

लोथल, सिंधु घाटी सभ्यता का ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र था। लगभग 5,000 साल पहले यह बंदरगाह और जहाजों की मरम्मत का केंद्र था। NMHC के निर्माण के बाद यह न केवल पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि अध्ययन और शोध का केंद्र भी बनेगा।

हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के तैयार होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे, और आम जनता अपने इतिहास को सीधे महसूस कर सकेगी।

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