रिपोर्टर: नितिन चंद्र
Mokama : बिहार की सियासत के दिग्गज और मोकामा से विधायक अनंत सिंह को न्यायपालिका से एक बड़ी अंतरिम राहत मिली है। गोपालगंज की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने एक आपराधिक मामले में दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए विधायक की गिरफ्तारी पर 30 मई तक के लिए रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली और विस्तृत सुनवाई 30 मई को मुकर्रर की गई है।
Mokama क्या है पूरा विवाद और क्यों दर्ज हुई FIR?
यह पूरा मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेमरांव गांव का है। यहाँ एक उपनयन (जनेऊ) संस्कार के कार्यक्रम में विधायक अनंत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आरोप है कि इस समारोह के दौरान खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया गया और अश्लील नृत्य का आयोजन हुआ। मामले का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया और विधायक अनंत सिंह, मशहूर कलाकार गुंजन सिंह सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।
Mokama बिहार की राजनीति में अनंत सिंह का रसूख और कद
बिहार की राजनीति में अनंत सिंह एक बेहद प्रभावशली और चर्चित चेहरा माने जाते हैं। अपने बेबाक अंदाज और ठेठ बयानों के लिए वे अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं। मोकामा विधानसभा सीट पर उनका इस कदर दबदबा है कि वे यहाँ से लगातार अजेय रहे हैं। साल 2022 में जब एक कानूनी मामले के चलते उन्हें जेल जाना पड़ा था, तब हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी नीलम देवी ने इस सीट से भारी मतों से जीत दर्ज कर उनके राजनीतिक किले को सुरक्षित रखा था।
Mokama नीतीश कुमार के प्रति निष्ठा और राजनीतिक संन्यास का बयान
अनंत सिंह को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद करीबी और वफादार सिपहसालार माना जाता है। हाल ही में जब नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी चर्चाएं गर्म थीं, तब अनंत सिंह ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान देकर सबको हैरान कर दिया था। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि नीतीश कुमार सूबे के मुख्यमंत्री नहीं रहते हैं, तो वे खुद भी भविष्य में कभी चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेंगे और चुनाव नहीं लड़ेंगे।

