Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

Delhi news: भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के स्थायीकरण प्रक्रिया को और अधिक अनुशासित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। इस नए नियम के अनुसार, जो अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना में स्थायी सैनिक बनने की इच्छा रखते हैं, उन्हें चयन प्रक्रिया पूरी होने तक अविवाहित रहना अनिवार्य होगा। यह नियम अनुशासन और परिचालन दक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

नया नियम क्या कहता है?

सेना की नई गाइडलाइंस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अग्निवीरों को अपनी चार वर्षीय सेवा अवधि के दौरान तो पहले से ही विवाह करने की अनुमति नहीं है, लेकिन अब यह प्रतिबंध सेवा समाप्ति के बाद भी जारी रहेगा। सेवा पूरी होने के बाद स्थायीकरण की चयन प्रक्रिया शुरू होती है, जो आमतौर पर 4 से 6 महीने तक चलती है। इस दौरान यदि कोई अग्निवीर विवाह कर लेता है, तो वह स्थायी सेवा के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

ऐसे में प्रभावित अग्निवीर न तो आवेदन कर पाएंगे और न ही चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, भले ही उनका सेवा रिकॉर्ड या प्रदर्शन कितना भी उत्कृष्ट क्यों न हो। सेना ने इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है, जिससे नियम का उल्लंघन करने वालों को कोई छूट नहीं मिलेगी।

क्यों लागू किया गया यह नियम?

अग्निपथ योजना 2022 में शुरू हुई थी और इसका पहला बैच जून-जुलाई 2026 में अपनी चार साल की सेवा पूरी करेगा। इस बैच से लगभग 20,000 से अधिक अग्निवीर सेवामुक्त होंगे, जिनमें से केवल 25 प्रतिशत सबसे मेधावी उम्मीदवारों को ही स्थायी कैडर में शामिल किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में चार साल का सेवा रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और शारीरिक फिटनेस टेस्ट शामिल होते हैं।

सेना का मानना है कि यह नियम अनुशासन को मजबूत करेगा और युवा सैनिकों की फोकस को बनाए रखेगा। अग्निवीरों की भर्ती आमतौर पर 17.5 से 21 वर्ष की आयु में होती है, इसलिए सेवा समाप्ति पर उनकी उम्र करीब 25 वर्ष होती है। इस आयु में विवाह संबंधी जिम्मेदारियां चयन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए अविवाहित रहने की शर्त रखी गई है।

कब मिलेगी विवाह की अनुमति?

अग्निवीरों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे कब विवाह कर सकते हैं। सेना ने स्पष्ट किया है कि स्थायी नियुक्ति की अंतिम घोषणा होने के बाद ही विवाह की अनुमति होगी। यानी, चयन प्रक्रिया पूरी होने और रेगुलर कैडर में शामिल होने के बाद कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। इसके लिए अधिकांश अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद सिर्फ कुछ महीनों का इंतजार करना पड़ेगा।

यह नियम व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर करियर के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है, लेकिन यह युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती भी पेश करता है। यदि आप अग्निवीर हैं या बनने की योजना बना रहे हैं, तो इन दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखें ताकि भविष्य में कोई असुविधा न हो।