रिपोर्टर: वेदान्त साहू
Indian Air Force increased strength : भारतीय वायुसेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने देश की रक्षा क्षमताओं में एक और शानदार उपलब्धि जोड़ दी है। मंगलवार को हवा से सतह पर मार करने वाली स्वदेशी ‘रुद्रम-II’ (Rudram-II) मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया, जिससे भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
Indian Air Force increased strength अचूक निशाने के साथ परीक्षण रहा शत-प्रतिशत सफल
DRDO के मुताबिक, इस मिसाइल का टेस्ट बेहद चुनौतीपूर्ण और कठिन परिस्थितियों में किया गया था ताकि इसके सभी उपकरणों की क्रिटिकल क्षमता को परखा जा सके। लॉन्च होने के बाद मिसाइल ने पूरी सटीकता के साथ अपने निर्धारित लक्ष्य को भेदा। ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के उपकरणों द्वारा दर्ज किए गए डेटा से यह स्पष्ट हो गया है कि इस उड़ान परीक्षण ने अपने सभी मानकों और उद्देश्यों को पूरी तरह से हासिल कर लिया है।
Indian Air Force increased strength स्वदेशी तकनीक और टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण
इस मिसाइल का विकास पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसे हैदराबाद स्थित DRDO की नोडल लैब ‘रिसर्च सेंटर इमारत’ (RCI) द्वारा विकसित किया गया है। इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में DRDL, हाई एनर्जी मटेरियल रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL), ARDE जैसी अन्य लैब्स के अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और कई रक्षा एजेंसियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस शानदार सफलता पर DRDO, भारतीय वायुसेना और इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी उद्योगों को बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक की परिपक्वता और रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को और मजबूत करता है।
Indian Air Force increased strength दुश्मनों के लिए काल है ‘रुद्रम-II’ की मारक क्षमता
‘रुद्रम-II’ एक सॉलिड-प्रोपेलेंट (ठोस ईंधन) वाली हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। इस अत्याधुनिक सिस्टम में DRDO द्वारा विकसित कई नई तकनीकों को शामिल किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लड़ाकू विमानों से लॉन्च किया जा सकता है और यह दुश्मन के रडार, संचार केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखती है।

