BarabankiBarabanki
Spread the love

रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Barabanki : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ शातिर प्रॉपर्टी डीलरों ने एक आईपीएस (IPS) अधिकारी के पिता को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों ने जमीन दिलाने के नाम पर पीड़ित से ₹2.27 करोड़ हड़प लिए और उस जमीन को किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया। यही नहीं, ठगी गई इस मोटी रकम को आरोपियों ने दुबई के बिजनेस में निवेश कर दिया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर एक दंपती समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

Barabanki भोपाल के डीसीपी हैं पीड़ित के बेटे, घर का सोना बेचकर दिए थे पैसे

मामला बाराबंकी के कोतवाली नगर क्षेत्र की मयूर विहार कॉलोनी (ओबरी) का है। यहाँ के निवासी राधाकांत शुक्ल के बेटे आदर्श कांत शुक्ला एक आईपीएस अधिकारी हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डीसीपी (DCP) के पद पर तैनात हैं। पीड़ित राधाकांत के मुताबिक, उन्होंने मयूर विहार में जमीन खरीदने के लिए अपने घर का सोना तक बेच दिया था। साल 2024 तक पिछले छह वर्षों के दौरान उन्होंने किस्तों में कुल ₹2.27 करोड़ आरोपियों को दिए थे।

Barabanki आरोपियों का प्रोफाइल और ठगी का तरीका

ठगी की इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश रची थी, जिसका विवरण इस प्रकार है:

आरोपी का नामभूमिका / संबंध
विवेक गुप्तामुख्य मध्यस्थ (प्रॉपर्टी डीलर), जिसके जरिए डील शुरू हुई
निवेद प्रताप सिंह उर्फ गोलूमुख्य आरोपी, जिसने पैसे लिए और जमीन हड़पी
शुभी सिंहमुख्य आरोपी निवेद प्रताप सिंह की पत्नी
भावना रानीमुख्य आरोपी निवेद प्रताप सिंह की मां
विशालदुबई का बिजनेस पार्टनर, जिसने रकम को बाहर ट्रांसफर कराया

आरोपियों ने राधाकांत से पैसे तो ले लिए, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री करने के बजाय उसे ज्यादा मुनाफे में किसी और को बेच दिया। जब पीड़ित ने दबाव बनाया, तो काफी मिन्नतें करने के बाद उन्हें ₹1.05 करोड़ वापस किए गए, लेकिन बाकी की रकम देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपियों द्वारा दिए गए दो चेक भी बैंक में बाउंस हो गए।

Barabanki ठगी के पैसों से दुबई में बिजनेस और आभूषणों की खरीद

पीड़ित के अनुसार, मुख्य आरोपी निवेद प्रताप ने अपने दुबई स्थित बिजनेस पार्टनर विशाल के साथ मिलकर ठगी की इस रकम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश कर दिया। इसके अलावा, कुछ पैसों से निवेद ने अपनी पत्नी के लिए महंगे जेवरात खरीद लिए। अप्रैल 2026 में आरोपियों ने एक होटल में पीड़ित को बुलाकर 15 दिन में पैसे लौटाने का झांसा दिया था, लेकिन बाद में बातचीत करना पूरी तरह बंद कर दिया।

Barabanki पासपोर्ट जब्त करने की मांग, विदेश भागने की फिराक में आरोपी

राधाकांत शुक्ल ने पुलिस को बताया कि आरोपी निवेद प्रताप, उसकी पत्नी, मां और विवेक गुप्ता अब पूरे परिवार के साथ भारत छोड़कर हमेशा के लिए दुबई में शिफ्ट होने की योजना बना रहे हैं। उनकी वहां तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आरोपियों के पासपोर्ट तुरंत जब्त किए जाएं। नगर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस टीम मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।

ये भी पढ़े: LG Dhiraj Seth: देश के नए सेना प्रमुख होंगे,जनरल उपेंद्र द्विवेदी की लेंगे जगह, 30 जून को संभालेंगे कमान