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भोपाल, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के महिला बाल विकास विभाग में ‘आजीविका मिशन’ की तर्ज पर हुए कथित भर्ती घोटाले की खबर सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। ‘स्वदेश’ अखबार में गुरुवार को इस खबर के प्रकाशन के बाद विभाग के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में मुंबई की एचआर कंपनी टी एंड एम द्वारा की गई मिशन शक्ति के तहत महिला हब से जुड़ी नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

अनौपचारिक निर्देश जारी, नियुक्तियां निरस्त
विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों को इस आशय के अनौपचारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि आगामी आदेश तक टी एंड एम कंपनी द्वारा भर्ती किए गए किसी भी कर्मचारी को जिले में ज्वाइन न कराया जाए। यदि किसी कर्मचारी को पहले ही ज्वाइन करा लिया गया है, तो उसकी ज्वाइनिंग को निरस्त माना जाएगा। यह कदम बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका के मद्देनजर उठाया गया है।

लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू तक पहुंची शिकायत
दूसरी ओर, इस पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और मुख्य सचिव को भी कर दी गई है। व्हिसल ब्लोअर डॉ. आर. एन. शर्मा ने 25 पेज की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें टी एंड एम कंपनी और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत के पुख्ता सबूत संलग्न किए गए हैं।

भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों मुंबई की एचआर कंपनी टी एंड एम ने महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिला स्तरीय महिला हब के लिए हर जिले में 8-8 कर्मचारियों की भर्ती सूची जारी की थी। आरोप है कि इस सूची में कंपनी ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करते हुए आवेदकों से लाखों रुपये की अवैध वसूली की। चौंकाने वाली बात यह है कि महिला हब में 80 फीसदी पदों पर पुरुष कर्मचारियों की भर्ती कर ली गई थी, जबकि यह पद विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण से जुड़े हैं।

कंपनी के कर्मचारियों और आवेदकों के बीच पैसे के लेन-देन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी ‘स्वदेश’ के पास उपलब्ध हैं। इन ऑडियो में साफ तौर पर भर्ती के लिए पैसों की मांग की जा रही है। खास बात यह है कि कंपनी ने अनुभवहीन लोगों को भी मोटी रकम लेकर भर्ती कर लिया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

व्यापक जांच की मांग
शिकायतकर्ता डॉ. शर्मा ने दावा किया है कि विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर इस कार्य के लिए टी एंड एम कंपनी को चुना, ताकि प्रदेश भर के बेरोजगारों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि इसी कंपनी द्वारा पोषण मिशन में भी इसी तरह लाखों रुपये लेकर भर्तियां की गई हैं। अब टी एंड एम कंपनी के मध्य प्रदेश में आउटसोर्सिंग के सभी ठेकों की विस्तृत जांच की मांग भी उठ रही है।

‘स्वदेश’ के पास गुरुवार को दो दर्जन से अधिक आवेदकों ने व्हाट्सएप चैट भेजे हैं, जिनमें पैसों के लेन-देन के आरोप हैं। इसके अलावा, दस्तावेज सत्यापन करने वाले कर्मचारियों द्वारा 19 और 21 मई को पैसे की मांग करने की रिकॉर्डिंग भी ‘स्वदेश’ के पास मौजूद है।

भर्ती प्रक्रिया स्थगित होने से महिला बाल विकास विभाग और टी एंड एम कंपनी से जुड़े दलालों में हड़कंप मच गया है। डॉ. शर्मा ने ‘स्वदेश’ से कहा कि वह इस मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराकर ही दम लेंगे। इस घोटाले के उजागर होने से राज्य में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है।