रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : जिले में लगातार हो रही बारिश और संभावित जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने प्रशासन से विशेष पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि बारिश के मौसम में ग्रामीण और सुदूर आदिवासी इलाकों में संक्रमण को रोकने के लिए प्रत्येक पंचायत में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं।
Jamtara जिले के उपलब्ध स्वास्थ्य ढांचे के बेहतर उपयोग पर जोर
सुमित शरण ने बताया कि जामताड़ा जिले की 118 पंचायतों और 1,161 गांवों की आबादी को सुरक्षा देने के लिए मौजूद स्वास्थ्य संसाधनों का सुनियोजित उपयोग जरूरी है। जिले में संचालित सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से एक विशेष मानसून स्वास्थ्य अभियान आसानी से पंचायत स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीमारी फैलने का इंतजार करने के बजाय समय रहते निगरानी और जांच अभियान शुरू करना अधिक कारगर साबित होगा।
Jamtara जलजनित व लिवर संबंधी बीमारियों की जांच और क्लोरीनेशन की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि बरसात के दिनों में दूषित पेयजल से डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और हेपेटाइटिस-ए जैसी बीमारियों का प्रसार तेजी से होता है। इसलिए पंचायत शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ लिवर व पीलिया के शुरुआती लक्षणों की पहचान की व्यवस्था होनी चाहिए। गंभीर मरीजों को तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया जाए। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के नियमित क्लोरीनेशन, जल शुद्धिकरण और पानी उबालकर पीने जैसे बुनियादी स्वच्छता संदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए आशा व सहिया कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का सुझाव दिया गया।
पंचायतवार स्वास्थ्य कैलेंडर जारी करने और प्राथमिकता तय करने का आग्रह
सुमित शरण ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मानसून सत्र के लिए पंचायतवार स्वास्थ्य शिविरों का समय-सारणी (कैलिंडर) जारी करने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को शिविरों के आयोजन की पूर्व जानकारी मिल सके। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दूरदराज और आदिवासी बहुल गांवों के निवासियों को सामान्य इलाज के लिए भी लंबी दूरी न तय करनी पड़े, इसे सरकार को प्राथमिकता में रखना चाहिए। जामताड़ा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गृह क्षेत्र होने के कारण यहां समय रहते त्वरित और ठोस स्वास्थ्य सुरक्षा कदम उठाए जाने चाहिए।
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