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by-Ravindra Sikarwar

मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में काम करने वाले एक कर्मचारी का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने कंपनी की कथित आंतरिक कार्य संस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारी ने रेडिट पर साझा किए गए अपने अनुभव में बताया कि कैसे उन पर इस्तीफा देने के लिए दबाव डाला जा रहा है, लेकिन उन्होंने इस दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है।

‘इस्तीफा दो, वरना करियर खराब कर देंगे’:
वायरल पोस्ट के अनुसार, यह कर्मचारी टीसीएस में अपनी पहली नौकरी कर रहा है। उसने बताया कि तीन दिन पहले उसे एचआर (मानव संसाधन) विभाग ने एक मीटिंग रूम में बुलाया और स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने के लिए कहा।

कर्मचारी ने लिखा, “तीन दिन हो गए जब मुझे मीटिंग रूम में इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। मैं डर गया था और रो रहा था, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। टीसीएस मेरी पहली कंपनी है, मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने मुझे नौकरी से निकाले जाने के बाद बुरा रिव्यू देने की धमकी दी, तो मैंने कहा, ‘आपको जो करना है कर लीजिए, मैं इस्तीफा नहीं दूंगा,’ और मैं उस कमरे से बाहर आ गया।”

कर्मचारी ने यह भी दावा किया कि कंपनी जानबूझकर ‘बेंच’ पर बैठे कर्मचारियों (जिनके पास कोई सक्रिय प्रोजेक्ट नहीं है) को निशाना बना रही है। उसने आरोप लगाया कि कंपनी की रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप (RMG) इन कर्मचारियों की प्रोफाइल को फ्रीज कर रही है ताकि उन्हें कोई नया प्रोजेक्ट न मिल सके।

मानसिक उत्पीड़न का आरोप:
कर्मचारी ने लिखा कि केवल वह अकेला नहीं है, बल्कि उसके ब्रांच में कई और कर्मचारियों ने भी इस्तीफा देने से मना कर दिया है। एचआर टीम इन कर्मचारियों को रोजाना मीटिंग के लिए बुलाकर इस्तीफा देने का दबाव बना रही है।

  • धमकी और दबाव: एचआर कथित तौर पर वेतन रोकने, ब्लैकलिस्ट करने, खराब रिव्यू देने और यह कहने जैसी धमकियाँ दे रही है कि उन्हें कहीं और नौकरी नहीं मिलेगी।
  • लगातार उत्पीड़न: कर्मचारी के अनुसार, 10 दिनों से अधिक समय हो गया है और ये कर्मचारी अभी भी टीसीएस में हैं, लेकिन उन्हें लगातार मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में गहरा अफसोस जताते हुए कहा, “यह सचमुच मानसिक उत्पीड़न है, और वे कर्मचारियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार कर रहे हैं। मैंने टीसीएस को उसकी कार्य संस्कृति और नौकरी की सुरक्षा के कारण चुना था, भले ही वेतन बहुत कम था। अब मुझे पछतावा है, मुझे कोई और कंपनी चुननी चाहिए थी।”

‘रतन टाटा के बाद कंपनी खराब हो गई’:
कर्मचारी ने अपने पोस्ट में टाटा समूह के पूर्व प्रमुख रतन टाटा का भी जिक्र किया, जिनका अक्टूबर 2024 में निधन हो गया था। उसने लिखा, “रतन टाटा के बाद यह कंपनी खराब हो गई है।” इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है, जहाँ कई लोग टीसीएस की पुरानी कार्य संस्कृति और वर्तमान स्थिति की तुलना कर रहे हैं।

यह मामला भारत के आईटी क्षेत्र में धीमी अर्थव्यवस्था और छंटनी के माहौल में कर्मचारियों की बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है।