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रिपोर्टर: अभय भाटिया

Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी (JPSC-JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शुक्रवार को आंदोलन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब विधानसभा की ओर मार्च कर रहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक अज्ञात व्यक्ति ने स्याही फेंक दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत करने की इच्छा जताई है, जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के साथ संवाद के लिए 6 सदस्यीय नया प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है।

Ranchi AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी, बोलीं- ‘हम डरने वाले नहीं’

रांची में प्रदर्शन के दौरान जब आइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा अपने समर्थकों के साथ विधानसभा का घेराव करने बढ़ रही थीं, तभी अचानक एक युवक ने उन पर काली स्याही फेंक दी। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा बोरा ने कहा कि जब छात्र पैलेट गन और आंसू गैस के गोलों से नहीं डरे, तो ऐसी मामूली स्याही उनके हौसले को नहीं तोड़ सकती। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

Ranchi ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा बयान

छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर कहा कि सरकार युवाओं और छात्रों की समस्याओं के ठोस एवं व्यावहारिक समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘छात्रों की बात केवल छात्रों के साथ ही होगी’ और सरकार किसी राजनीतिक मध्यस्थ के बजाय सीधे छात्रों के सुझाव सुनेगी। सीएम सोरेन ने बताया कि राज्य के सभी जिलों से छात्र-छात्राओं, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं के सुझाव जुटाकर जल्द ही आवश्यक और सकारात्मक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

बातचीत के लिए छात्रों ने गठित किया 6 सदस्यीय नया प्रतिनिधिमंडल

मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख को देखते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है और सरकार से वार्ता के लिए 6 सदस्यों का नया डेलिगेशन तैयार कर लिया है। इस डेलिगेशन की खासियत यह है कि इसमें केवल वास्तविक छात्रों को शामिल किया गया है, जबकि किसी वकील या पत्रकार को बाहर रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र पासवान, राजेश प्रसाद, अंकित कुमार, कार्तिक सोरेन और आनंद कुमार शामिल हैं। यह सूची आधिकारिक तौर पर सरकार को सौंपी जा रही है ताकि जल्द वार्ता शुरू हो सके।

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