UP Startup and Data Center Policy 2026UP Startup and Data Center Policy 2026
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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

UP Startup and Data Center Policy 2026 : उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा डिजिटल और उद्यमिता (Entrepreneurship) केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ और ‘डेटा सेंटर नीति’ की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस नई रणनीति का मुख्य ध्येय राज्य के युवाओं को रोजगार ढूंढने वालों की कतार से निकालकर खुद रोजगार पैदा करने वाले उद्योगपति (Job Creators) के रूप में स्थापित करना है। सरकार का लक्ष्य साल 2030 तक प्रदेश में 2 गीगावाट (2,000 मेगावाट) की अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना भी है।

UP Startup and Data Center Policy 2026 ‘एस्पायरिंग लीडर’ से ‘टॉप परफॉर्मर’ का सफर और ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ का आगाज

उत्तर प्रदेश ने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक लंबी छलांग लगाई है। वर्ष 2018 की राष्ट्रीय रैंकिंग में जहाँ राज्य महज एक ‘एस्पायरिंग लीडर’ था, वहीं बेहतरीन सरकारी नीतियों और विजन के चलते साल 2025 में यूपी ‘टॉप परफॉर्मर’ की श्रेणी में शामिल हो चुका है। अब राज्य को देश में नंबर वन बनाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ का गठन किया जा रहा है।

विशेष पहल: यह समर्पित मिशन पूरी तरह से प्रोफेशनल, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से काम करेगा, जो नए उद्यमियों को वित्तीय प्रबंधन, मेंटरशिप और सरकारी प्रक्रियाओं में सीधा सहयोग प्रदान करेगा।

UP Startup and Data Center Policy 2026 डीप-टेक को बढ़ावा, समावेशी विकास और महिला उद्यमियों को विशेष रियायतें

भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखते हुए नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), क्वांटम कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। लखनऊ और नोएडा में स्थापित होने वाले ‘यू-हब’ (U-Hub) को डीप-टेक इनोवेशन के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस नीति में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके तहत निम्नलिखित वर्गों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन, भरण-पोषण भत्ता, और पेटेंट सहायता दी जाएगी:

  • महिला उद्यमी, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर इन्वेस्टर।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के युवा।
  • पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के स्टार्टअप्स।

UP Startup and Data Center Policy 2026 ₹4.90 लाख करोड़ के निवेश की उम्मीद: सिर्फ नोएडा नहीं, अब पूरे यूपी में डिजिटल बयार

उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। डेटा सेंटर नीति-2021 के तहत अब तक ₹21,342 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है और 644 MW क्षमता पर काम जारी है। अब सरकार अधिक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी ‘डेटा सेंटर नीति-2026’ ला रही है, जिसके जरिए राज्य में ₹4.90 लाख करोड़ के संभावित निवेश और 5,410 मेगावाट क्षमता के नए प्रस्तावों पर नजर है।

अडानी समूह, हीरा नंदानी समूह और एनटीटी ग्लोबल जैसे दिग्गजों के बाद अब कई और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यूपी का रुख कर रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब डिजिटल निवेश केवल नोएडा या दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहेगा; मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और सीतापुर जैसे शहरों में भी नए डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

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