रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Firozabad : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में लखनऊ से नई दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर कुछ उपद्रवियों द्वारा पथराव किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना के वक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी इसी ट्रेन की एग्जीक्यूटिव क्लास (E-1 कोच) में सफर कर रहे थे। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और उत्तर प्रदेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्धों को अपनी हिरासत में ले लिया है।
Firozabad रसूलपुर इलाके के पास हुआ पथराव, बाल-बाल बचे यात्री
यह पूरी घटना गुरुवार (11 जून 2026) की शाम करीब 7:15 से 7:20 बजे के बीच की है। ट्रेन जब कानपुर की तरफ से आते हुए प्रयागराज मंडल के फिरोजाबाद स्टेशन के नजदीक रसूलपुर थाना क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक बाहर से पत्थर फेंके गए। एक भारी पत्थर सीधे ई-1 कोच की सीट संख्या 54 की खिड़की पर लगा, जिससे उसका शीशा (विंडोपेन) चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि पत्थर बोगी के अंदर नहीं घुसा, जिससे संघ प्रमुख मोहन भागवत और उनके समीप बैठे अन्य सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी को कोई चोट नहीं आई।
Firozabad टूंडला जंक्शन पर हाई-अलर्ट, कड़ी सुरक्षा में दिल्ली रवाना हुई ट्रेन
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को बीच रास्ते में कहीं भी रोकने के बजाय सीधे अगले बड़े स्टेशन टूंडला जंक्शन के लिए रवाना किया गया। शाम 7:34 बजे जैसे ही शताब्दी एक्सप्रेस टूंडला पहुंची, वहां पहले से मुस्तैद आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बोगी को सुरक्षा घेरे में ले लिया। सुरक्षा अधिकारियों ने ट्रेन के भीतर जाकर आरएसएस प्रमुख का हालचाल जाना। सुरक्षा जांच और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ट्रेन को 7:41 बजे आगे के लिए रवाना किया गया, जो रात 10:13 बजे सुरक्षित नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची।
Firozabad 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच, कूड़ा बीनने वाले किशोरों पर शक
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए आगरा जोन के एडीजी एस.के. भगत और फिरोजाबाद के एसएसपी आदित्य लांगेह भारी पुलिस बल के साथ जांच में जुट गए। पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रेलवे ट्रैक के आसपास लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में कुछ किशोर ट्रेन पर पत्थर फेंकते हुए साफ नजर आए, जिसके बाद पुलिस ने दो नाबालिगों (जो कूड़ा बीनने का काम करते हैं) को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
पुलिस का बयान: शुरुआती पूछताछ के अनुसार, पकड़े गए किशोरों का पहले से चोरी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि ट्रेन के भीतर कौन सफर कर रहा है। यह मामला पूरी तरह से अराजकता से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

