रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Surajpur : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कर्री-कूप्पी के घने जंगलों में एक मानव कंकाल मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जंगल गए स्थानीय ग्रामीणों ने जब नर कंकाल को देखा, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कंकाल को अपने कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। शुरुआती जांच और मौके से मिले कपड़ों के आधार पर इस कंकाल की पहचान पिछले कई महीनों से लापता एक बुजुर्ग के रूप में की गई है।
Surajpur ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस, साक्ष्य जुटाने में जुटी टीम
कर्री-कूप्पी वन क्षेत्र में नर कंकाल मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में तरह-तरह की आशंकाएं और चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक और स्थानीय जांच टीम के साथ मौके का मुआयना किया। पुलिस ने कंकाल के आसपास बिखरे सामान और साक्ष्यों को बारीकी से इकट्ठा किया ताकि मौत के सही कारणों और समय का पता लगाया जा सके।
Surajpur फरवरी से लापता पिता के रूप में बेटे ने की शिनाख्त
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी वर्ष फरवरी महीने में ओडगी थाने में एक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गोविंदगढ़ निवासी मिथलेश राजवाड़े ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता बरनसाय राजवाड़े अचानक कहीं लापता हो गए हैं। जंगल में कंकाल मिलने की सूचना पर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो मृतक के शरीर पर मौजूद कपड़ों और अन्य अवशेषों को देखकर बेटे ने उनकी पहचान अपने लापता पिता के रूप में की।
Surajpur मौत के असली कारणों की जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
शुरुआती तौर पर पुलिस का अनुमान है कि बुजुर्ग रास्ता भटक कर घने जंगल के अंदर चले गए होंगे, जहाँ अत्यधिक भूख-प्यास या फिर किसी जंगली जानवर के हमले के कारण उनकी मौत हो गई होगी। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक प्राथमिक अंदाजा है। मौत की असली वजह, समय और परिस्थितियों का सटीक खुलासा कंकाल की फॉरेंसिक जांच और विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

