Strait of Hormuz : सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान की सात छोटी “फास्ट बोट्स” को नष्ट कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को सुरक्षित करने और ईरान के बढ़ते आक्रामक रुख को रोकने के लिए की गई है। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
Strait of Hormuz ट्रंप का तीखा प्रहार और विवादित सोशल मीडिया पोस्ट
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए ईरान पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने लिखा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को निशाना बनाने की ईरानी कोशिशों का करारा जवाब दिया है। ट्रंप ने आगे कहा, “हमने उन सात छोटी नावों को ढेर कर दिया है जिन्हें वे ‘फास्ट बोट’ कहते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने एक विवादास्पद ग्राफिक भी साझा किया, जिसमें ईरानी नेतृत्व पर लाल निशान लगाकर अमेरिकी सैन्य प्रभुत्व का प्रदर्शन किया गया, जिससे कूटनीतिक तनाव और अधिक बढ़ गया है।
Strait of Hormuz दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला और ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’
क्षेत्र में तनाव तब और बढ़ गया जब दक्षिण कोरियाई कंपनी HMM Co. द्वारा संचालित एक मालवाहक जहाज में यूएई के पास रहस्यमयी विस्फोट हुआ। हालांकि इस हादसे में सभी 24 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जवाब में ट्रंप प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (Project Freedom) की शुरुआत की है। इस मिशन का उद्देश्य समुद्री जहाजों को पारंपरिक एस्कॉर्ट देने के बजाय एक सुरक्षित ‘गाइडेंस’ प्रदान करना है, ताकि व्यापारिक मार्गों को खतरों से बचाया जा सके।
Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा की चुनौती
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर दक्षिण कोरिया से अपील की है कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा के इस मिशन में अमेरिका का कंधा से कंधा मिलाकर साथ दें। ट्रंप का आरोप है कि ईरान बिना किसी कारण के “असंबंधित देशों” के जहाजों को निशाना बनाकर वैश्विक व्यापार को बाधित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह नई आक्रामक रणनीति और ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी, विश्व तेल आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।
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