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कोलकाता/नॉर्थ 24 परगना | पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण से ठीक पहले राजनीतिक हिंसा का दौर फिर शुरू हो गया है। बुधवार देर रात नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए (PA) चंद्रनाथ रथ की अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी (IG) लेवल के अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) का गठन किया है।

वारदात: ओवरटेक कर स्कोर्पियो पर दागीं गोलियां

  • समय और स्थान: घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे की है। चंद्रनाथ रथ कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी स्कोर्पियो मध्यग्राम के दोहरिया इलाके में पहुंची, हमलावरों ने जाल बिछाया।
  • हमले का तरीका: पीछे से आ रही एक कार ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर रास्ता रोका। इसी दौरान बाइक सवार शूटरों ने गाड़ी के बाईं ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
  • इंजरी रिपोर्ट: चंद्रनाथ के सीने, पेट और चेहरे पर कई गोलियां लगीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमले में उनके ड्राइवर को भी गोलियां लगी हैं, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

SIT जांच: साजिश की तह तक जाएगी पुलिस

मामले की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में अलग-अलग जिलों और यूनिट्स के अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है।

  • हेड: आईजी (IG) लेवल के अधिकारी इस पूरी जांच को लीड करेंगे।
  • हिरासत: पुलिस ने 3 लोकल हिस्ट्री शीटरों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि क्या उन्होंने रेकी या शूटर्स की मदद की थी।
  • फरार शूटर: मुख्य शूटर्स अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश में नाकेबंदी की गई है।

सियासी उबाल: सरकार बनने से पहले ‘टारगेट किलिंग’?

चुनाव नतीजों के बाद हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या को ‘टारगेट किलिंग’ से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है, जबकि पुलिस इसे साजिश और पुरानी रंजिश के एंगल से भी देख रही है।