ग्वालियर। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर ठगी के एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर के एक होटल में दबिश देकर चार शातिर एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जो होटल के कमरे को ही अपना ‘कंट्रोल रूम’ बनाकर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। जांच में इस गिरोह के तार पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़े होने के सनसनीखेज संकेत मिले हैं।
मुखबिर की सूचना पर होटल एचजी में क्राइम ब्रांच का छापा
क्राइम ब्रांच को गोपनीय सूचना मिली थी कि कैलाश विहार स्थित होटल एचजी (Hotel HG) में कुछ संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जो मोबाइल और लैपटॉप के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल के कमरे में घेराबंदी कर छापेमारी की। मौके पर मौजूद चार युवकों को हिरासत में लिया गया, जो डिजिटल उपकरणों के माध्यम से साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल, सिम कार्ड और लैपटॉप जब्त किए हैं।
पाकिस्तान से कनेक्शन और ठगी का तरीका
प्रारंभिक पूछताछ और पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का कनेक्शन पाकिस्तान से है। ये आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध करने वाले गिरोह के लिए स्थानीय एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। ये होटल के कमरों से ही डेटा चोरी, फिशिंग और खातों से पैसे उड़ाने जैसे कार्यों को अंजाम देते थे ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे। आरोपियों के पास से बरामद कुछ विदेशी नंबरों के व्हाट्सएप चैट ने इस पाकिस्तानी लिंक की पुष्टि की है।
आरोपियों की पहचान: राजस्थान और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं युवक
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी क्षेत्रीय स्तर पर फैले हुए हैं, जो इस बात का संकेत है कि गिरोह ने स्थानीय स्तर पर अपना मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। पकड़े गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
- सोनू गुर्जर (निवासी: धौलपुर, राजस्थान)
- मनीष गुर्जर (निवासी: धौलपुर, राजस्थान)
- अनमोल गुर्जर (निवासी: मुरैना, मध्य प्रदेश)
- संदीप गुर्जर (निवासी: मुरैना, मध्य प्रदेश)
