रिपोर्टर: ईशु कुमार
Chennai : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 107 सीटें जीतकर सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरी है। हालांकि, पूर्ण बहुमत के जादुई आंकड़े (117) से महज 10 सीट दूर रहने के कारण अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विजय सत्ता की कुर्सी तक पहुँचने के लिए किसके साथ हाथ मिलाएंगे।
Chennai दिग्गजों ने दी बधाई, सियासी गलियारों में हलचल
TVK की इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विजय को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने तमिलनाडु के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें बधाई दी। इन शुभकामनाओं को केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि भविष्य के संभावित समीकरणों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
Chennai कांग्रेस के साथ गठबंधन की प्रबल संभावनाएं
चुनाव परिणामों के बाद राज्य में नए गठबंधन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विजय के पिता द्वारा कांग्रेस को दिए गए खुले न्योते ने स्पष्ट कर दिया है कि TVK पुरानी द्रविड़ पार्टियों के बजाय कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने को प्राथमिकता दे सकती है। माना जा रहा है कि कांग्रेस, जो अब तक DMK के साथ थी, राज्य की सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए TVK को बाहर से समर्थन दे सकती है या कैबिनेट में शामिल हो सकती है।
Chennai वैचारिक मतभेद: BJP और द्रविड़ दलों से दूरी
विजय ने अपने चुनावी अभियान के दौरान साफ कर दिया था कि वे BJP की विचारधारा के विरोधी हैं, जिससे NDA के साथ जाने का विकल्प लगभग बंद है। वहीं, DMK और AIADMK जैसी स्थापित पार्टियों के खिलाफ मोर्चा खोलकर ही विजय ने यह जीत हासिल की है, इसलिए उनके साथ समझौता करना उनके समर्थकों को रास नहीं आएगा। ऐसे में विजय का झुकाव वामपंथी दलों, छोटे क्षेत्रीय संगठनों और निर्दलीय विधायकों की ओर अधिक दिख रहा है, जो उन्हें आवश्यक 10 सीटों का समर्थन दे सकते हैं।
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