Russia-Ukraine : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मॉस्को ने मंगलवार को एक कड़ा रुख अपनाते हुए यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थित रक्षा और सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ और सुनियोजित हमले करने की खुली चेतावनी दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यूक्रेन की हालिया सैन्य गतिविधियों और ड्रोन हमलों का करारा जवाब है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रूस ने कीव में मौजूद सभी विदेशी नागरिकों, राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के कर्मचारियों को तुरंत शहर छोड़ने की सलाह दी है।
Russia-Ukraine घातक ड्रोन हमले के बाद भड़का मॉस्को का गुस्सा
तनाव में यह ताजा उछाल यूक्रेन द्वारा स्टारोबिलस्क क्षेत्र में किए गए एक भीषण ड्रोन हमले के बाद आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 18 लोगों की जान चली गई और 42 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसे इस युद्ध के अब तक के सबसे विनाशकारी ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है, जिसने रूस को बड़े जवाबी कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।
Russia-Ukraine नाटो (NATO) की मदद से चल रहे सैन्य ठिकानों पर निशाना
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी सेना ने कीव के उन चुनिंदा ठिकानों को टारगेट करना शुरू कर दिया है जो यूक्रेन के सैन्य और रक्षा उद्योग का मुख्य हिस्सा हैं। इनमें मुख्य रूप से ड्रोन की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, प्रोग्रामिंग और ऑपरेशनल सेंटर शामिल हैं। रूस का सीधा आरोप है कि इन सेंटर्स को नाटो (NATO) देशों के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी और खुफिया मदद दी जा रही है, जिनका इस्तेमाल रूसी नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
Russia-Ukraine कूटनीतिक हलचल तेज, अमेरिकी और रूसी विदेश मंत्रियों में बातचीत
इस महासंकट के बीच वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक चैनल भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) और रूसी विदेश मंत्री सार्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) के बीच फोन पर उच्च स्तरीय बातचीत हुई। रूसी पक्ष की पहल पर हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध के ताजा हालातों और ईरान की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चर्चा की। हालांकि, रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक यूक्रेन की तरफ से उसकी सीमाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले बंद नहीं होते, तब तक उसका यह जवाबी सैन्य अभियान रुकने वाला नहीं है।

