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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद एहतियातन बंद किए गए देश के 32 हवाई अड्डों को नागरिक विमान परिचालन के लिए तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे यात्रियों और एयरलाइनों को बड़ी राहत मिली है।

10 मई को बंद किए गए थे हवाई अड्डे:
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने बीते 10 मई को 32 हवाई अड्डों पर नागरिक विमानों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इनमें अमृतसर, लुधियाना, भुज जैसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डे शामिल थे, जहां घरेलू उड़ानों का संचालन भी रोक दिया गया था।

एएआई ने जारी किया आदेश:
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “यह सूचित किया जाता है कि 32 हवाई अड्डे, जो 15 मई 2025 को 05:29 बजे तक नागरिक विमान परिचालन के लिए अस्थायी रूप से बंद थे, अब तत्काल प्रभाव से नागरिक विमान परिचालन के लिए उपलब्ध हैं।” इस आदेश के जारी होने के साथ ही इन हवाई अड्डों पर विमानों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह:
एएआई ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की सीधी जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें। इसके अतिरिक्त, यात्रियों को नियमित अपडेट के लिए एयरलाइनों की वेबसाइटों की निगरानी करने की भी सलाह दी गई है, ताकि उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं के बारे में नवीनतम जानकारी मिल सके।

इन हवाई अड्डों पर बहाल हुई सेवाएं:
जिन 32 हवाई अड्डों पर नागरिक विमान सेवाएं तत्काल प्रभाव से बहाल की गई हैं, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • अधमपुर
  • अंबाला
  • अमृतसर
  • अवंतीपुर
  • बठिंडा
  • भुज
  • बीकानेर
  • चंडीगढ़
  • हलवारा
  • हिंडन
  • जैसलमेर
  • जम्मू
  • जामनगर
  • जोधपुर
  • कांडला
  • कांगड़ा (गग्गल)
  • केशोद
  • किशनगढ़
  • कुल्लू-मनाली (भुंतर)
  • लेह
  • लुधियाना
  • मुंद्रा
  • नलियां
  • पठानकोट
  • पटियाला
  • पोरबंदर
  • राजकोट (हिरासर)
  • सरसावा
  • शिमला
  • श्रीनगर
  • थोइस
  • उत्तरलाई

इन हवाई अड्डों पर सेवाएं बहाल होने से यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी और एयरलाइनों को भी सामान्य परिचालन में लौटने का अवसर मिलेगा। यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पर तनाव कम होने और स्थिति सामान्य होने का संकेत देता है।