Bhind : मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अटेर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुरपुरा में पंचायत सचिव द्वारा वित्तीय अनियमितता और शासकीय धनराशि के गबन का एक गंभीर मामला सामने आया है। पदस्थ रहे पंचायत सचिव राधाचरण शर्मा पर स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी अपनी पुरानी डिजिटल सिग्नेचर सिग्नेचर (DSC) का दुरुपयोग कर लगभग ₹7 लाख की राशि का फर्जी बिलों के जरिए आहरण करने का आरोप लगा है।


Bhind स्थानांतरण के तुरंत बाद पुरानी DSC का दुरुपयोग और फर्जी भुगतान
प्राप्त ब्योरे के अनुसार, जिला स्तर से 15 जून 2026 को सचिव राधाचरण शर्मा का स्थानांतरण आदेश जारी कर उन्हें ग्राम पंचायत मधैयापुरा में पदस्थ किया गया था। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होना था। इसके बावजूद, अगले ही दिन पुरानी DSC की मदद से पांचवें वित्त आयोग की राशि के लगभग ₹7 लाख के फर्जी बिलों का भुगतान कर दिया गया। पिछले 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण कार्यशैली पर पहले से सवाल उठ रहे थे।
Bhind सवालों के घेरे में अफसर, अधिकारी का अजीबोगरीब बयान
जब इस संबंध में जानकारी लेने के लिए सचिव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट उत्तर न देकर टालमटोल की। वहीं, जब इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत अटेर के सहायक यंत्री कपिल तोमर से दूरभाष पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उनका गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया। उन्होंने शिकायत निवारण प्रणाली का हवाला देने के बजाय कहा, “आप जनपद में आकर लिखित शिकायती आवेदन दीजिए।” अधिकारी का यह बयान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
सरकारी खजाने से किए गए इस संदिग्ध आहरण के बाद स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत प्रशासन से कठोर दंडात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है। लोगों का कहना है कि स्थानांतरण के उपरांत पुरानी DSC से भुगतान होना एक बड़ी प्रक्रियात्मक चूक है। यदि इस मामले की गहनता से ऑडिट कराई जाए, तो गबन की यह राशि और अधिक बढ़ सकती है।
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