रिपोर्टर: विवेक भण्डारी
Chamoli : उत्तराखंड के चमोली जिले में जारी मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है। उरगम घाटी में स्थित पंच केदारों में से पांचवें केदार के रूप में पूजनीय कल्पेश्वर महादेव मंदिर के समीप पहाड़ी से भीषण भूस्खलन हुआ है। देर रात हुई तेज बारिश के कारण पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे भारी मात्रा में मिट्टी, बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सीधे मंदिर परिसर के भीतर आ घुसे। इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
Chamoli मंदिर परिसर को पहुंचा नुकसान, स्थानीय लोग राहत कार्य में जुटे
भूस्खलन के कारण मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना की खबर फैलते ही उरगम घाटी के स्थानीय ग्रामीण और मंदिर समिति के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने स्वयं ही फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से मंदिर परिसर में जमा मलबे को साफ करने का कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित पहाड़ी का तकनीकी निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए।
Chamoli जिले भर में बारिश और भूस्खलन का कहर जारी
चमोली जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कल्पेश्वर महादेव मंदिर हिंदू आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में मंदिर परिसर के ऊपर से हुए भूस्खलन को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता जताई जा रही है।
सुरंग हादसे में बचाव अभियान छठे दिन भी जारी
इससे पूर्व, चमोली में एक निर्माणाधीन हाइड्रोपावर टनल में हुए बड़े भूस्खलन के कारण पानी और गाद घुसने से आठ श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। उस हादसे में लापता दो अन्य मजदूरों की तलाश के लिए सेना, NDRF, SDRF और ITBP का संयुक्त बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरंग में अत्यधिक दलदल होने के बावजूद टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ खोजबीन में जुटी हुई हैं। अब तक सुरंग से तीन जेसीबी मशीनों को बाहर निकाल लिया गया है, जिससे मलबे को हटाने के काम में तेजी आई है।
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