रिपोर्टर: अभय पमार
Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों द्वारा आयोजित विधानसभा घेराव मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा बल के पुख्ता इंतजामों और बहुस्तरीय बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए उग्र अभ्यर्थी विधानसभा के बेहद करीब पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा और हल्का लाठीचार्ज भी किया गया।
Ranchi बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़े अभ्यर्थी, धारा 163 लागू होने के बावजूद मार्च
प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को लेकर विरोध जता रहे थे। प्रशासन द्वारा लगाए गए तीन-स्तरीय बैरिकेड्स और कंटीले तारों की घेराबंदी को पार करते हुए अभ्यर्थी विधानसभा मार्ग पर आगे बढ़ते गए। क्षेत्र में BNS की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के बावजूद हजारों अभ्यर्थियों का दल नारेबाजी करते हुए बढ़ता रहा। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल पर होने के बावजूद एम्बुलेंस से मार्च स्थल पहुंचे।
Ranchi सरकार से तीन दौर की वार्ता बेनतीजा, CBI जांच पर अड़ा पेंच
प्रदर्शन से पूर्व सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र मंडलों के बीच पांच घंटे से अधिक समय तक तीन दौर की बातचीत हुई। सरकार ने कुछ मांगों को स्वीकार करने का आश्वासन दिया, लेकिन अभ्यर्थी JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मुख्य मांग पर अड़े रहे। वार्ता बेनतीजा रहने के कारण छात्रों ने पूर्व घोषित ‘विधानसभा मार्च’ के अपने फैसले को वापस नहीं लिया।
पूर्व JPSC अध्यक्ष गिरफ्तार, शांति बनाए रखने की अपील
मार्च के बीच ही JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की भी पुष्टि हुई। दूसरी ओर, रांची के ग्रामीण एसपी ने बताया कि उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेहद सीमित स्तर पर हल्का लाठीचार्ज किया गया। छात्र संगठनों की ओर से अभ्यर्थियों से पुलिस से किसी भी प्रकार की झड़प न करने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील जारी की गई है।
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