रिपोर्टर: मनीष शेखावत
Rajasthan : सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य के जर्जर स्कूल भवनों के नवीनीकरण और नए इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए आगामी तीन वर्षों (2026-27 से 2028-29) का व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा-निर्देशों पर तैयार की गई इस महत्त्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 12,500 करोड़ रुपये की विशाल राशि खर्च की जाएगी, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लाखों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।
3,500 से अधिक नए विद्यालय भवन और 83 हजार से ज्यादा नए क्लासरूम का होगा निर्माण
Rajasthan मास्टर प्लान के अनुसार, प्रदेश भर में सुविधाओं के विस्तार और नए भवनों के निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य में 2,487.75 करोड़ रुपये की लागत से 3,587 नए विद्यालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा। बढ़ते नामांकन और कक्षाओं की जरूरत को देखते हुए 8,378.30 करोड़ रुपये से 83,783 नए क्लासरूम तैयार होंगे। 22,589 स्कूलों के बड़े सुधार (मेजर रिपेयर) के लिए 1,129.45 करोड़ रुपये तथा 13,616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण हेतु 340.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
41 जिलों में कराया गया तकनीकी सर्वे, विधायक निधि का 20% हिस्सा शिक्षा पर होगा खर्च
Rajasthan योजना को धरातल पर उतारने से पूर्व राज्य के सभी 41 जिलों में जिला कलेक्टरों के माध्यम से विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण करवाया गया। सर्वे में सामने आई प्राथमिकताओं के आधार पर बजट का आवंटन किया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LADS) की 5 करोड़ रुपये की वार्षिक राशि में से 20 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर खर्च करने का प्रावधान किया है। वर्तमान में लगभग 3,006 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृति व टेंडर प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में हैं।
डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं पर विशेष फोकस
Rajasthan राजस्थान के सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए दिसंबर 2026 तक 1,087 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। प्रदेश के स्कूलों में 5 हजार स्मार्ट क्लासरूम, 80 हजार डिजिटल टैबलेट और 7 हजार नई आईसीटी (ICT) लैब स्थापित की जा रही हैं। विज्ञान प्रयोगशाला में 2,256 कक्षों के निर्माण के लिए 507.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। विशेष आवश्यकता वाले 1,239 विद्यार्थियों (CWSN) की सुविधाओं के लिए 40 करोड़ रुपये और 5 हजार ग्राम पंचायतों में अटल केंद्रों का निर्माण 750 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।

