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रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्‍तव

Jamshedpur : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जमशेदपुर स्थित परिसदन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC CGL) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की जोरदार वकालत की।

Jamshedpur NEET की तर्ज पर CBI जांच की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वीं JPSC से भी अधिक गंभीर और संवेदनशील मामला JSSC CGL परीक्षा का है, जो पिछले 5-6 वर्षों से विवादों में घिरा रहा है। उन्होंने हालिया दिनों में अभय तिवारी द्वारा किए गए खुलासों का हवाला देते हुए कहा कि इससे राज्य के प्रशासनिक और परीक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

“जब केंद्र सरकार दिल्ली में नीट (NEET) पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच का आदेश दे सकती है, तो झारखंड सरकार को लाखों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए JSSC और JPSC मामलों को सीबीआई को सौंपने में क्या हिचकिचाहट है?”

Jamshedpur लोकतांत्रिक आंदोलन कर रहे छात्रों की अनदेखी का आरोप

छात्रों के अधिकारों की बात करते हुए रघुवर दास ने राज्य सरकार के रवैये पर गहरा दुख जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड एक गरीब राज्य है, जहाँ के मेहनती युवा साल-दर-साल परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों को धरना स्थल पर बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय पारदर्शी जांच कराकर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।

उपचुनाव परिणाम और JFC क्लब के मुद्दे पर प्रतिक्रिया

संवाददाता सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने दो अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी अपना रुख स्पष्ट किया:

  • उपचुनाव के परिणाम: मध्य प्रदेश और बिहार के हालिया उपचुनाव परिणामों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उपचुनाव के नतीजों का कोई व्यापक असर राष्ट्रीय राजनीति पर नहीं पड़ता। अक्सर स्थानीय समीकरणों और मुद्दों के कारण इस प्रकार के परिणाम आते हैं।
  • जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (JFC): टाटा स्टील द्वारा जमशेदपुर फुटबॉल क्लब को बंद किए जाने की चर्चाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वे उन परिस्थितियों की पूरी जानकारी लेंगे जिसके तहत यह निर्णय लिया गया। वे प्रबंधन से अनुरोध करेंगे कि इस ऐतिहासिक क्लब का संचालन जारी रखा जाए, क्योंकि यह शहर की पहचान और युवा खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

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