रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Patna : राजधानी पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में हुआ छात्र आंदोलन उग्र होने के बाद पुलिस प्रशासन सख्त रुख में आ गया है। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पटना के विभिन्न थानों में 500 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 40 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
Patna प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने और पथराव के बाद बिगड़े हालात
NEET परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्र और अभ्यर्थी सड़क पर उतरे थे। पुलिस के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित इलाके की तरफ बढ़ने लगे तो उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और भीड़ की ओर से पुलिस वाहनों पर पथराव व तोड़फोड़ की गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए।
CCTV व वीडियो फुटेज से असामाजिक तत्वों की पहचान जारी
पटना एसएसपी ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ कर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची थी। पुलिस अब घटनास्थल की वीडियोग्राफी और आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाल रही है, ताकि हिंसा भड़काने वाले असामाजिक तत्वों की सटीक पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
सोशल मीडिया और यूट्यूबर्स की भूमिका की हो रही गहन जांच
हिंसा फैलाने और भीड़ को उकसाने के मामले में पुलिस अब डिजिटल माध्यमों पर भी पैनी नजर रख रही है। संदेह के घेरे में आए कई YouTubers और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को अंदेशा है कि अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट के जरिए भीड़ को उकसाया गया था। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

