रिपोर्टर: नेहा गुप्ता
Arrah : बिहार सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ राज्यभर में विरोध की लहर तेज हो गई है। इसी कड़ी में भोजपुर जिले के आरा स्थित प्रसिद्ध हर प्रसाद दास जैन कॉलेज परिसर में ‘शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ’ द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक धरना और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों को “दमनकारी” बताते हुए कॉलेज परिसर में जमकर नारेबाजी की।
Arrah विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता छीनने का आरोप
धरने का नेतृत्व कर रहे शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शंभू शरण ओझा ने राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार बिहार के तमाम विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और स्वतंत्रता को खत्म करने की साजिश रच रही है। इसी के विरोध में पूरे प्रदेश के कर्मचारी आंदोलित हैं और अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
स्नातक को अलग करने और सरकारी हस्तक्षेप की कोशिश
कर्मचारी संघ के अनुसार, सरकार स्नातक (Graduation) शिक्षा को विश्वविद्यालय प्रणाली से अलग कर कुलपतियों व विश्वविद्यालयों के अधिकारों को सीमित करना चाहती है। संघ का कहना है कि उच्च शिक्षा सीधे तौर पर राजभवन (कुलाधिपति) के अधिकार क्षेत्र में आती है, लेकिन सरकार अपने प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से उच्च शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने साफ किया कि वे सरकार के इस फैसले को कतई स्वीकार नहीं करेंगे। अध्यक्ष शंभू शरण ओझा ने चेतावनी दी कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के अस्तित्व, सम्मान और स्वतंत्रता को बचाने के लिए यह आंदोलन आखिरी सांस तक जारी रहेगा और सरकार के इस नीतिगत कदम का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

