Nitish Kumar UCC meeting JDU:बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। देश भर में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी (UCC) को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद (MLC) के सदस्यों की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक को राजनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमित शाह के बयान के बाद गर्माई सियासत
Nitish Kumar UCC meeting JDU:देश में यूसीसी को लेकर ताजा बहस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद शुरू हुई है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि साल 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर दिया जाएगा। इस घोषणा के बाद से ही राजनीतिक दलों के बीच प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कदम तीखा विरोध करते हुए इसे गैर-हिंदुओं पर कानून थोपने की कोशिश करार दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी विधानसभा चुनाव से पहले यूसीसी को लागू करने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं।
जेडीयू की रणनीति और नीतीश कुमार का रुख
Nitish Kumar UCC meeting JDU:बिहार में यूसीसी को लेकर स्थिति थोड़ी संवेदनशील बनी हुई है। जहां एक ओर बीजेपी इसे आगे बढ़ाने में जुटी है, वहीं जेडीयू के भीतर इसे लेकर सतर्क रुख देखा जा रहा है। पार्टी के कुछ विधायकों ने पहले ही यूसीसी का विरोध किया है, जबकि अन्य नेताओं ने इस पर संतुलित प्रतिक्रिया दी है।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में यूसीसी के अलावा फरक्का जल संधि जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हो सकती है। बैठक से पहले जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया है कि सभी तरह की आशंकाओं और प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही पार्टी इस पर अपना अंतिम रुख तय करेगी।
अन्य राज्यों में यूसीसी की स्थिति
Nitish Kumar UCC meeting JDU:बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी यूसीसी को लेकर हलचल तेज है:
- उत्तराखंड: राज्य में यूसीसी पहले ही लागू किया जा चुका है।
- गोवा: यहां पुर्तगाली सिविल कोड के रूप में समान नागरिक संहिता लंबे समय से अस्तित्व में है।
- गुजरात, असम और मध्य प्रदेश: इन राज्यों की विधानसभाओं में यूसीसी से जुड़े विधेयक पास हो चुके हैं।
- महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल: इन राज्यों में भी यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया एडवांस स्टेज में है और समितियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
नीतीश कुमार की यह बैठक आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति और एनडीए (NDA) गठबंधन के भीतर यूसीसी पर जेडीयू के आधिकारिक रुख को स्पष्ट करने में निर्णायक साबित हो सकती है।
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