रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Burhanpur : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले अंतर्गत बोरी बुजुर्ग गांव में ग्रामीणों को सुलभ और बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के मकसद से स्थापित ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ इन दिनों खुद उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। महज 2 से 3 साल पहले बने इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन की जर्जर स्थिति देखकर स्थानीय लोग स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
निर्माण के दो-तीन साल में ही जर्जर हुआ भवन, टूटी खिड़कियां और गायब वायरिंग
Burhanpur स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नए भवन के निर्माण को अभी कुछ ही समय बीता है, लेकिन देखरेख के अभाव में इसकी हालत दयनीय हो चुकी है। स्वास्थ्य केंद्र की खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं, छत के पंखे क्षतिग्रस्त पड़े हैं और बिजली की वायरिंग कई स्थानों से पूरी तरह गायब हो चुकी है। परिसर में खुले तार बिखरे पड़े हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इतने कम समय में इंफ्रास्ट्रक्चर का बर्बाद होना निर्माण की गुणवत्ता और रख-रखाव पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
कमरों में पसरी गंदगी और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
Burhanpur स्वास्थ्य केंद्र के अंदर साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और कई कमरों में भारी गंदगी पसरी हुई है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाया गया यह सरकारी परिसर अब असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। अस्पताल परिसर के भीतर शराब की खाली बोतलें पाई गई हैं। इस स्थिति ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जनस्वास्थ्य के लिए बने इस ढांचे की सुरक्षा और निगरानी की वास्तविक जिम्मेदारी किस विभाग की है।
प्रशासनिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
Burhanpur स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से मौके का भौतिक निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि भवन निर्माण की गुणवत्ता, आवंटित बजट के इस्तेमाल, हैंडओवर के बाद रख-रखाव में लापरवाही और सामान की चोरी की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र का लाभ दिलाता है।

