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New Delhi : देश की राजधानी के कंझावला स्थित ‘श्री पीताम्बरा पशुपति मठ’ में 19 अप्रैल को वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव ने उस समय ऐतिहासिक रूप ले लिया जब दिव्य मंत्रोच्चारण के बीच भगवान पशुपतिनाथ, माता बगलामुखी और पंचमुखी हनुमान जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ और श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

New Delhi जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि का सत्कार और संतों का संगम

इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष और जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी जी महाराज उपस्थित रहे। वैदिक परंपरा के अनुसार, शाल, पुष्पवर्षा और मंत्रोच्चार के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। यह संपूर्ण आयोजन विश्वगुरु गौरीशंकराचार्य जी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। दोनों महान संतों की उपस्थिति ने भक्तों के बीच भक्ति और उत्साह का संचार किया।

New Delhi “संत और गौ रक्षा ही राष्ट्र का आधार”: स्वामी चक्रपाणि

अपने संबोधन में जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी जी ने सनातन धर्म की रक्षा पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “संत समाज ही हमारी संस्कृति का जीवंत रक्षक है।” उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि वे धर्म, मंत्र, मंदिर और विशेष रूप से गौ माता की रक्षा के लिए संकल्पित हों। वहीं, गौरीशंकराचार्य जी महाराज ने स्वामी चक्रपाणि जी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र और धर्म के प्रति समर्पित एक निस्वार्थ आध्यात्मिक योद्धा बताया।

New Delhi सांस्कृतिक वैभव और विशाल भंडारे का आयोजन

कार्यक्रम में केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समां बांध दिया। प्रसिद्ध कलाकारों के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। आयोजन के अंत में मठ को सहयोग प्रदान करने वाले दानदाताओं और सेवादारों को सम्मानित किया गया। ‘सनातन धर्म की जय’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके पश्चात विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस सफल आयोजन की विस्तृत जानकारी बी.के. शर्मा ‘हनुमान’ द्वारा साझा की गई।

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