Mathura : एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक होलिका दहन की जलती अग्नि के बीच से गुजरता दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ने भक्त प्रह्लाद का रूप धारण किया और परंपरा का निर्वहन करते हुए आग में प्रवेश किया। राहत की बात यह रही कि वह पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकल आया।
यह घटना किसी आवेश या स्टंट का परिणाम नहीं थी, बल्कि स्थानीय धार्मिक परंपरा का हिस्सा थी, जिसे हर वर्ष श्रद्धा के साथ निभाया जाता है।
फालेन गांव की सवा महीने की कठिन साधना
Mathura यह परंपरा मथुरा के फालेन गांव में निभाई जाती है। आग से गुजरने वाले संजू पांडा ने बताया कि इसकी तैयारी बसंत पंचमी से शुरू हो जाती है और होलिका दहन तक चलती है। इस दौरान साधक सवा महीने का विशेष व्रत रखते हैं।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है, घर-परिवार से दूरी बनाई जाती है और गांव की सीमा से बाहर नहीं जाया जाता। इतना ही नहीं, पूरे समय अन्न का त्याग कर कठोर नियमों का पालन किया जाता है। श्रद्धालु मानते हैं कि यह तपस्या ही उन्हें अग्नि से सुरक्षित गुजरने की शक्ति देती है।
आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम
Mathura मथुरा और वृंदावन की होली देश-विदेश में अपनी विशेष परंपराओं के लिए जानी जाती है। यहां रंगों की होली, फूलों की होली और लठमार होली जैसे आयोजन कई दिनों तक चलते हैं। श्रद्धालु राधा-कृष्ण की भक्ति में डूबकर इन उत्सवों में भाग लेते हैं।
होलिका दहन के बाद अग्नि से गुजरने की यह परंपरा भी स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़ी है। मान्यता है कि जैसे भक्त प्रह्लाद अग्नि से सुरक्षित बाहर आए थे, उसी आस्था के प्रतीक के रूप में यह अनुष्ठान किया जाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए एकत्र होते हैं।
होली और चंद्र ग्रहण का संयोग
Mathura इस वर्ष होली 4 मार्च को मनाई जा रही है, जबकि होलिका दहन 2 मार्च को संपन्न हुआ। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण दहन की तिथि में परिवर्तन किया गया। अब रंगों की होली को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है।
मथुरा-वृंदावन में त्योहार का माहौल कई दिनों पहले से शुरू हो जाता है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु यहां की अनूठी परंपराओं का साक्षी बनने के लिए पहले से ही योजना बनाते हैं।
फालेन गांव की यह अग्नि-परंपरा एक बार फिर चर्चा में है और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे अनुष्ठानों में सुरक्षा के सभी नियमों का पालन किया जाए।
Also Read This: Kozhikode: पूर्व केंद्रीय मंत्री के.पी. उन्नीकृष्णन का निधन, राजनीतिक जगत में शोक

