रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
MACT Police Vehicle Attached : छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज से एक अभूतपूर्व कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आई है। जिला मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस विभाग के एक सरकारी वाहन को कुर्क (जब्त) कर लिया है। यह सख्त कदम करीब 48 लाख रुपये की मुआवजा राशि की वसूली के लिए उठाया गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद लंबे समय तक पीड़ित पक्ष को भुगतान न किए जाने पर स्थानीय अदालत ने यह डंडा चलाया है।
MACT Police Vehicle Attached उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी
पूरा मामला एक सड़क दुर्घटना के मुआवजे से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम (MAC) केस क्रमांक 154/2021 में राज्य के गृह विभाग को आदेश दिया था कि वह पीड़ित परिवार को ब्याज सहित लगभग 48 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करे। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब शासन स्तर पर राशि जारी नहीं की गई, तो पीड़ित पक्ष ने वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. पटेल के जरिए जिला अदालत में इस फैसले को लागू करवाने के लिए एक निष्पादन याचिका (Execution Petition) दायर कर दी।
MACT Police Vehicle Attached कैदियों को ले जाने वाली गाड़ी कोर्ट परिसर में ही हुई जब्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ ने बकाये की वसूली के लिए कड़ा आदेश पारित किया। कोर्ट के निर्देश पर बलरामपुर-रामानुजगंज के बीच कैदियों को पेशी पर लाने और ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एक पुलिस वाहन (वज्र वाहन/बैन) को तत्काल प्रभाव से कुर्क कर लिया गया। आदेश तामील होते ही इस सरकारी गाड़ी को न्यायालय परिसर में ही खड़ा करवाकर कानूनी कस्टडी में ले लिया गया है।
MACT Police Vehicle Attached बाकी गाड़ियां नीलाम करने की तैयारी, कोर्ट ने दिए सख्त संकेत
इस मामले में पुलिस विभाग की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। पीड़ित पक्ष द्वारा दायर याचिका में पुलिस महकमे के आठ अन्य वाहनों की सूची भी सौंपी गई है। अदालत ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि यदि गृह विभाग या शासन ने जल्द से जल्द पूरी मुआवजा राशि कोर्ट में जमा नहीं कराई, तो सूची में शामिल बाकी 8 पुलिस गाड़ियों को भी कुर्क कर लिया जाएगा। इतना ही नहीं, बकाये की भरपाई के लिए इन सरकारी वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

