रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Korba tree fall incident : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ मौसम के बदलते मिजाज के बीच आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण एसईसीएल (SECL) अस्पताल कॉलोनी में एक बड़ा हादसा हो गया। कॉलोनी में स्थित एक जर्जर और विशाल नीलगिरी का पेड़ अचानक एक रिहायशी मकान के ऊपर भरभराकर गिर गया। इस दुर्घटना में घर के भीतर मौजूद एक 9 वर्षीय मासूम बच्चा गंभीर रूप से जख्मी हो गया, वहीं मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद से ही पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया।
Korba tree fall incident छत फाड़कर अंदर घुसी भारी टहनी, बच्चे के सिर में आए 6 टांके
मिली जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश के दौरान यह विशालकाय पेड़ मनोज कोसले नामक व्यक्ति के मकान पर गिरा। पेड़ का वजन इतना अधिक था कि उसने मकान के छज्जे और छत को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी दौरान पेड़ की एक बेहद मोटी टहनी छत की शीट को चीरती हुई सीधे कमरे के अंदर जा घुसी, जिसकी जद में वहां मौजूद 9 साल का बच्चा आ गया। छत की शीट सीधे बच्चे के सिर पर जा लगी, जिससे उसका सिर फट गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। बदहवास परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने आपातकालीन उपचार करते हुए बच्चे के सिर में 6 टांके लगाए हैं। फिलहाल बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
Korba tree fall incident यातायात हुआ ठप्प, घर का सामान भी हुआ नष्ट
इस अप्रत्याशित हादसे में पीड़ित परिवार के आशियाने को भारी क्षति पहुंची है। मकान के मलबे के नीचे दबने से घर के अंदर रखा कीमती सामान भी पूरी तरह टूट-फूट गया है। इसके अलावा, पेड़ का एक बड़ा हिस्सा मुख्य मार्ग पर आ गिरा, जिसकी वजह से काफी देर तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही। मार्ग बंद होने के कारण राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा।
Korba tree fall incident स्थानीय निवासियों में रोष, जर्जर पेड़ों को हटाने की उठी मांग
इस हादसे ने एसईसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद आक्रोशित कॉलोनी वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में लगे तमाम पुराने और खोखले हो चुके जर्जर पेड़ों को तत्काल चिन्हित कर कटवाया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पहले भी ऐसे खतरों को लेकर आशंकित थे। यदि समय रहते इन खतरनाक पेड़ों को नहीं हटाया गया, तो मानसून के इस मौसम में भविष्य में कोई और बड़ा या जानलेवा हादसा हो सकता है।

