Stock Market Falls Due To US-Iran Tension : वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य व कूटनीतिक गतिरोध के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया। इसी का नतीजा रहा कि शुरुआती कारोबार में ही बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी लाल निशान के साथ काफी नीचे खिसक गया।
Stock Market Falls Due To US-Iran Tension लाल निशान में खुला बाजार, निवेशकों में दिखी घबराहट
बुधवार सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली का दबाव हावी हो गया। बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 537.83 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 77,642.89 के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, एनएसई (NSE) का निफ्टी भी वैश्विक दबाव को झेल नहीं पाया और 163.55 अंक लुढ़ककर 24,235.15 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के चलते ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली और पोर्टफोलियो को सुरक्षित करने को प्राथमिकता दी।
Stock Market Falls Due To US-Iran Tension कच्चा तेल हुआ महंगा, भारत के आयात बिल पर बढ़ेगा दबाव
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुए नए विवाद ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी भारत जैसे देश के लिए दोहरी मुसीबत लेकर आती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल विदेशों से आयात करता है। कच्चे तेल के महंगे होने से देश का आयात बिल बढ़ेगा, जिससे चालू खाता घाटा और घरेलू स्तर पर महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो जाता है। इसी संभावित आर्थिक दबाव के कारण निवेशक बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं।
Stock Market Falls Due To US-Iran Tension बिकवाली के बीच FII की खरीदारी और कुछ चुनिंदा शेयरों में रही रौनक
इस चौतरफा गिरावट के माहौल में भी कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिले। सन फार्मा, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में लिवाली (खरीदारी) का रुख रहा, जिसने बाजार को और ज्यादा गिरने से रोका। इसके अलावा, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 7 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार में 393.19 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। हालांकि, वैश्विक स्तर पर मचे हड़कंप के आगे घरेलू संस्थागत और विदेशी निवेशकों की यह छोटी खरीदारी बाजार को संभालने में नाकाम रही।

