Influencer Manjeet KaurInfluencer Manjeet Kaur
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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Influencer Manjeet Kaur : सोशल मीडिया पर लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर 28 वर्षीया मनजीत कौर की चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। करीब 54 दिन पहले अज्ञात स्थल से अपहरण के बाद उन्हें पंजाब के मोरिंडा स्थित एक जंगल में ले जाकर शहतूत के पेड़ से बांध दिया गया था और आग लगा दी गई थी। गंभीर रूप से झुलसी मनजीत का लंबे समय तक अस्पताल में इलाज चला। पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण और हत्या की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

3 जुलाई की रात अपहरण और बर्बरता की दास्तान

Influencer Manjeet Kaur प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई की देर रात मनजीत कौर को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में एक वाइन शॉप के पास मिलने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि उनके परिचितों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया और मोरिंडा के जंगलों में ले जाकर पेड़ से बांधकर आग के हवाले कर दिया। चीख-पुकार सुनकर एक स्थानीय परिचित ने किसी तरह कंबल डालकर आग बुझाई और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। हफ्तों तक बेहोश रहने के बाद 5 अगस्त को जब मनजीत को होश आया, तब उन्होंने परिजनों को आपबीती सुनाई। हालांकि, हालत लगातार बिगड़ती गई और 26 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया।

लिव-इन पार्टनर पर हत्या का शक और जांच का दायरा

Influencer Manjeet Kaur इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर मोहाली के सेक्टर-123 (सन्नी एन्क्लेव) की निवासी थीं। वे तलाकशुदा थीं और अपने पीछे 7 साल के मासूम बेटे को छोड़ गई हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग थी, जहां वे रील्स और कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स से जुड़े कंटेंट शेयर करती थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मनजीत कथित तौर पर एक आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थीं। चंडीगढ़ पुलिस अब उनके इंस्टाग्राम अकाउंट, हालिया विवादों और सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर संदिग्धों की तलाश में जुटी है।

पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल और प्रशासनिक स्पष्टीकरण

Influencer Manjeet Kaur घटना के बाद सेक्टर-34 थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1) (अपहरण), 103(1) (हत्या) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि मनजीत के होश में आने के बावजूद पुलिस ने समय पर उनका बयान (Dying Declaration) दर्ज करने में लापरवाही बरती। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि क्षेत्राधिकार से जुड़े मामलों के बावजूद खरड़ और चंडीगढ़ पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की है तथा मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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