रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के सुअवसर पर जामताड़ा जिला राष्ट्रभक्ति के रंगों में सराबोर नजर आया। विद्याभारती के विशेष अभियान ‘एक दिन, एक समय, एक स्वर’ के तहत सरस्वती शिशु मंदिर, नामूपाड़ा द्वारा शुक्रवार को शहर के पांच प्रमुख स्थलों पर सामूहिक राष्ट्रगीत गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूर्वाहन ठीक 11 बजे सैकड़ों आवाजों ने एक साथ वंदे मातरम् का उद्घोष किया।
खराब मौसम और बारिश की परवाह किए बिना 351 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने इस सामूहिक गायन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन अंबेडकर नगर (हासीपाड़ा), उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाउरीपाड़ा, सरस्वती शिशु मंदिर परिसर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुपाइडीह तथा केंदबोना में एक साथ आयोजित हुआ।
पांच प्रमुख स्थलों पर हुआ भव्य सामूहिक गायन
Jamtara अंबेडकर नगर में रमेश कुमार सिंह की अध्यक्षता और आशा कुमारी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहीं बाउरीपाड़ा में नारी शक्ति संस्था की अध्यक्षा आभा आर्या, सुपाइडीह में प्रधानाचार्य प्रभाकर महतो, विद्यालय परिसर में राजकुमार सिंह तथा केंदबोना में कविता मंडल ने कार्यक्रम की कमान संभाली। आयोजन को सफल बनाने में सोहन ठाकुर, साक्षी कुमारी, प्रेरणा, डबलू और पल्लवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
‘वंदे मातरम्’ केवल गीत नहीं, मातृभूमि के प्रति आस्था का प्रतीक: आभा आर्या
Jamtara बाउरीपाड़ा में मुख्य वक्ता आभा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ मात्र एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति अगाध श्रद्धा और समर्पण का भाव है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस महामंत्र ने अनगिनत क्रांतिकारियों को देश के लिए न्योछावर होने की प्रेरणा दी थी।
राष्ट्र निर्माण में योगदान ही भारत माता की सच्ची सेवा
Jamtara आभा आर्या ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज स्वतंत्र भारत में भ्रष्टाचार का विरोध करना, पर्यावरण का संरक्षण, असहायों की मदद और सामाजिक जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। कार्यक्रम का समापन ‘भारत माता की जय’ और देशभक्ति के नारों के साथ हुआ। मौके पर नयन तारा सोरेन, लता चौधरी, शंपा मिश्रा, भारती रिया और अंजू वर्मा उपस्थित रहीं।
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