Jamshedpur : केरला पब्लिक स्कूल कदमा में शनिवार, 22 अगस्त 2026 को प्राथमिक विभाग के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने अपनी रचनात्मक क्षमता, विषयों की समझ और सीखने के अलग-अलग तरीकों का शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और ज्ञान को प्रस्तुत करने का अवसर देना था।
कार्यक्रम में केरला पब्लिक स्कूल की चेयरपर्सन सुश्री मनोरमा नायर, संस्थापक प्रधानाचार्या सुश्री शांता वैद्यनाथन, गांधी मैदान शाखा की प्रधानाचार्या, शैक्षणिक निदेशिका श्रीमती लक्ष्मी आर, प्रधानाध्यापिका श्रीमती शर्मिला मुखर्जी और मुख्याध्यापिका श्रीमती अलमेलु रविशंकर समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।
दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
Jamshedpur वार्षिक प्रदर्शनी की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ओर से दी गई नृत्य प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और सीखने के अनुभवों को भी प्रस्तुत किया।

प्रदर्शनी में बच्चों ने बीज अंकुरण से जुड़ी गतिविधि के जरिए प्रकृति के महत्व को समझाया। इस प्रस्तुति के माध्यम से जीवन के संरक्षण, पौधों के पोषण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। बच्चों ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि प्रकृति की छोटी-सी प्रक्रिया भी जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
कई विषयों पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए मॉडल
Jamshedpur प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में अपनी समझ और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। प्रदर्शनी में कला, अंग्रेजी व्याकरण, नैतिक शिक्षा, गणित, हिंदी, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन से संबंधित मॉडल और प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए।

बच्चों द्वारा तैयार किए गए आकर्षक मॉडल ने यह दिखाया कि पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उसे गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। अलग-अलग विषयों को आपस में जोड़कर तैयार किए गए प्रोजेक्ट ने विद्यार्थियों के अंतर्विषयक सीखने की क्षमता को भी सामने रखा।
7Cs के जरिए सीखने और व्यक्तित्व विकास पर जोर
Jamshedpur प्रदर्शनी में स्कूल की शैक्षणिक सोच के अनुरूप 7Cs पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें संचार, सहयोग, आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, जिज्ञासा, चरित्र और नागरिकता शामिल हैं। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट और प्रस्तुतियों में इन सभी कौशलों की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के जरिए बच्चों के अधिगम को सतत विकास लक्ष्यों और वास्तविक जीवन की जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास किया गया। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि स्कूल में सीखी गई बातें उनके दैनिक जीवन और समाज से किस प्रकार संबंधित हैं।
‘करके सीखने’ की अवधारणा का जीवंत उदाहरण
Jamshedpur केरला पब्लिक स्कूल कदमा की यह वार्षिक प्रदर्शनी बच्चों के लिए केवल प्रोजेक्ट दिखाने का मंच नहीं रही, बल्कि सीखने का व्यावहारिक अनुभव भी बनी। गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सहयोग की भावना और नई चीजें जानने की जिज्ञासा को बढ़ावा मिला।
प्रदर्शनी ने यह संदेश दिया कि जब बच्चों को अपनी सोच और प्रतिभा को स्वतंत्र रूप से प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, तो उनका समग्र विकास अधिक प्रभावी ढंग से होता है। कार्यक्रम के समापन पर प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की गई।
ये भी पढ़े: टीईईपी 2.0 और टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल: केएसएमएस में ‘जोहार हाट’ कार्यशाला का आयोजन

