Spread the love

Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली आईआरसीटीसी (IRCTC) बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों के लिए विशेष नियम लागू करती है। ये नियम बच्चों की उम्र, बर्थ/सीट की जरूरत और रिजर्व्ड/अनारक्षित क्लास के आधार पर तय होते हैं। त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में परिवारों की यात्रा बढ़ने पर ये नियम जानना जरूरी हो जाता है, ताकि अनावश्यक जुर्माना या असुविधा न हो। रेल मंत्रालय के सर्कुलर (मार्च 2020 और अप्रैल 2016 से लागू संशोधन) के अनुसार, बच्चों के टिकट में कोई हालिया बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बर्थ चुनने पर पूरा किराया देना पड़ता है।

उम्र के आधार पर मुख्य नियम:
भारतीय रेलवे बच्चों को तीन श्रेणियों में बांटता है:

  1. 0 से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे:
  • अगर अलग बर्थ या सीट (चेयर कार में) नहीं चाहिए, तो यात्रा पूरी तरह मुफ्त है। कोई टिकट खरीदने की जरूरत नहीं।
  • बच्चा माता-पिता या अभिभावक की गोद में यात्रा करेगा, अलग जगह नहीं मिलेगी।
  • अगर वैकल्पिक रूप से अलग बर्थ/सीट चाहिए (आराम के लिए), तो पूरा वयस्क किराया (फुल एडल्ट फेयर) देना होगा। इस स्थिति में टिकट बुक करना अनिवार्य है।
  • NOSB (No Seat/Berth) का विकल्प उपलब्ध है, जहां टिकट बुक होता है लेकिन बर्थ नहीं allot होती।
  1. 5 से 11 वर्ष तक के बच्चे:
  • अगर अलग बर्थ/सीट नहीं चाहिए (NOSB विकल्प), तो आधा वयस्क किराया (हाफ फेयर) लगता है। न्यूनतम दूरी के लिए चार्ज की छूट लागू।
  • अगर अलग बर्थ/सीट चाहिए, तो पूरा वयस्क किराया देना पड़ता है (2016 से लागू संशोधन)।
  • आईआरसीटीसी बुकिंग के दौरान उम्र डालते ही विकल्प पूछा जाता है: ‘बर्थ चाहिए या नहीं’।
  • अनारक्षित यात्रा में भी आधा किराया (मिनिमम डिस्टेंस चार्ज के साथ)।
  1. 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चे:
  • पूर्ण वयस्क की तरह माने जाते हैं। पूरा किराया अनिवार्य, चाहे बर्थ हो या न हो।
  • कोई छूट नहीं।

रिजर्व्ड बनाम अनारक्षित टिकट के नियम:

  • रिजर्व्ड क्लास (स्लीपर, एसी आदि): ऊपर बताए नियम लागू। अप्रैल 2016 से 5-11 वर्ष के लिए बर्थ चुनने पर फुल फेयर अनिवार्य। अप्रैल 2025 में कोई नया संशोधन नहीं, लेकिन पुराने नियम सख्ती से लागू।
  • अनारक्षित क्लास: 5-11 वर्ष के लिए आधा किराया (मिनिमम डिस्टेंस लागू)। 0-4 वर्ष मुफ्त। कोई NOSB विकल्प नहीं।
  • विशेष ट्रेनें जैसे वंदे भारत: कोई चाइल्ड फेयर या कंसेशन नहीं, हमेशा फुल फेयर।

आईआरसीटीसी पर बुकिंग कैसे करें:

  • वेबसाइट/ऐप पर पैसेंजर डिटेल्स में बच्चे की उम्र डालें।
  • 5-11 वर्ष के लिए पॉप-अप आएगा: ‘Do you want to opt for full berth?’ – हां चुनें तो फुल फेयर, नहीं तो हाफ।
  • 0-4 वर्ष के लिए: अगर बर्थ चाहिए तो फुल फेयर चुनें, वरना कोई टिकट न जोड़ें।
  • अधिकतम 6 पैसेंजर प्रति बुकिंग (बच्चे सहित)।
  • NOSB टिकट: पेरेंट PNR से लिंक होता है, अलग से कैंसल कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज और प्रमाण:

  • यात्रा के दौरान बच्चे की उम्र साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या स्कूल आईडी जरूरी।
  • बिना प्रमाण के वयस्क मानकर जुर्माना (टिकटलेस यात्रा के बराबर)।
  • दिव्यांग बच्चे: वयस्क कंसेशन लागू (डॉक्टर सर्टिफिकेट के साथ)।

कैंसिलेशन और रिफंड:

  • NOSB टिकट अलग कैंसल हो सकता है, रिफंड चाइल्ड नियम के अनुसार।
  • बर्थ वाले टिकट पर सामान्य कैंसिलेशन चार्ज।
  • तत्काल या प्रीमियम ट्रेनों में भी यही नियम।

सावधानियां और सलाह:

  • चार्ट तैयार होने के बाद बिना टिकट/गलत टिकट पर जुर्माना 3 गुना किराया तक।
  • अकेले यात्रा करने वाले बच्चे (8-11 वर्ष): फुल फेयर अनिवार्य, अनअटेंडेड माइनर सर्विस उपलब्ध।
  • त्योहारी सीजन में पहले बुकिंग करें, क्योंकि परिवारों की भीड़ बढ़ती है।
  • गलत जानकारी से बचें: 2022-2025 में अफवाहें उड़ीं कि 0-5 वर्ष के लिए हमेशा चार्ज, लेकिन रेलवे ने खारिज किया – केवल बर्थ पर चार्ज।

ये नियम यात्रियों की सुविधा और राजस्व संतुलन के लिए हैं। कोई संदेह हो तो आईआरसीटीसी हेल्पलाइन 14646 या आधिकारिक वेबसाइट चेक करें। सुरक्षित यात्रा के लिए सही विकल्प चुनें और बच्चे की उम्र सही डालें!