रिपोर्टर: गनेश सिंह
Delhi : देश के शिक्षा तंत्र और NEET परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर राजधानी दिल्ली में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रधानमंत्री आवास की ओर विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ सांसद कर रहे हैं।
Delhi आरएमएल अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका, घायलों का जाना हाल
प्रदर्शन से पूर्व, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संसद में NEET मुद्दे पर तुरंत विशेष चर्चा कराने का अनुरोध किया। इसके उपरांत, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सीधे राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे, जहां वे जंतर-मंतर पर पुलिस के साथ हुई झड़प में घायल हुए छात्र-छात्राओं से मिले। घायलों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सरकार की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्रों पर बल प्रयोग पूरी तरह अनुचित है।
Delhi जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण स्थिति और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से छात्रों का आंदोलन जारी है। बीते दिन पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। कांग्रेस नेतृत्व का आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई में कई युवा गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। इसी घटनाक्रम के विरोध में कांग्रेस सांसदों ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री आवास घेरने का आह्वान किया, जिसके चलते पूरे लुटियंस जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
Delhi धर्मेंद्र प्रधान के साथ गृह मंत्री से भी मांगा इस्तीफा
प्रधानमंत्री आवास से कुछ दूरी पर रोके जाने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली पूरी तरह संकट में है और प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह मौन धारण किए हुए हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया:
“शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से हट जाना चाहिए। लेकिन छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई की सीधी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है। इसलिए गृह मंत्री और पूरी विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए और अपना इस्तीफा देना चाहिए।”

