रिपोर्टर: ईशु कुमार
Karnataka : कर्नाटक की राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार आज सूबे के नए मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। बेंगलुरु में इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। जहां इस बदलाव से कांग्रेस खेमे में भारी उत्साह है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
Karnataka शपथ ग्रहण का समय और कैबिनेट का शुरुआती ढांचा
डीके शिवकुमार आज शाम करीब 4 बजकर 5 मिनट पर मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं, हालांकि खुद शिवकुमार के मुताबिक समय में थोड़ा बहुत बदलाव संभव है।
इस राजनीतिक बदलाव को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ डीके शिवकुमार और निवर्तमान सीएम सिद्धारमैया की लंबी बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती तौर पर आज केवल 14 मंत्री ही शपथ लेंगे। फिलहाल कोई भी नेता उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) पद की शपथ नहीं लेगा और कैबिनेट का बाकी विस्तार आने वाले दिनों में किया जाएगा।
Karnataka शिवकुमार की नई टीम: ये चेहरे रेस में सबसे आगे
कांग्रेस आलाकमान आज ही उन मंत्रियों के नामों की आधिकारिक सूची जारी करेगा जो नई सरकार का हिस्सा होंगे। फिलहाल जो संभावित नाम सबसे आगे चल रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:
- यतींद्र सिद्धारमैया (पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे और एमएलसी)
- जी परमेश्वर
- केजे जॉर्ज
- प्रियांक खरगे
- एम बी पाटिल
- रामलिंगा रेड्डी
- ईश्वर खण्डरे
- कृष्णा बयरे गौडा
- लक्ष्मी हेब्बलाकर
- बी सुरेश
विशेष समीकरण: सतीश जारकीहोली का नाम भी मंत्रियों की लिस्ट में शामिल है, लेकिन अगर वे कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालते हैं, तो उनकी जगह बीके हरिप्रसाद को मौका मिल सकता है। इनके अलावा केएच मुनियप्पा और दिनेश गुंडू राव के नामों की भी चर्चा है।
Karnataka कांग्रेस का भविष्य का दांव और बीजेपी का ‘धोखा’ का आरोप
कांग्रेस इस बड़े फेरबदल के जरिए 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए खुद को मजबूत कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि डीके शिवकुमार का संगठनात्मक कौशल राज्य में कांग्रेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
दूसरी तरफ, विपक्ष में बैठी बीजेपी ने इस बदलाव पर कड़ा ऐतराज जताया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस केवल ‘कुर्सी का खेल’ खेल रही है और यह कर्नाटक की जनता के साथ बड़ा धोखा है। बीजेपी नेताओं ने एक ओबीसी (OBC) चेहरे (सिद्धारमैया) को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने पर भी सवाल खड़े किए हैं और इसे विकास विरोधी कदम बताया है।
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