रिपोर्टर: सन्तोष सरावगी
Dabra : ग्वालियर जिले के डबरा में पुलिस प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों पर की गई 107/116 (प्रतिबंधात्मक कार्रवाई) के खिलाफ पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली के विरोध में नगर पालिका के दर्जनों पार्षदों ने थाने के भीतर ही धरना शुरू कर दिया। पार्षदों का साफ तौर पर आरोप है कि पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव और द्वेषपूर्ण भावना के तहत जनप्रतिनिधियों पर झूठे मुकदमे और प्रतिबंधात्मक पाबंदियां लगा रहा है।
“सब पर करो कार्रवाई, हम साथ हैं” – थाने में गूंजे नारे
Dabra थाना परिसर में धरने पर बैठे पार्षदों ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों का कहना था कि यदि उनके साथियों पर अकारण कार्रवाई की गई है, तो पुलिस को उन सभी पर भी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों को बेवजह पाबंद करने का सिलसिला तुरंत बंद नहीं किया गया, तो सभी पार्षद सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप देंगे।
जनप्रतिनिधियों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
Dabra विरोध-प्रदर्शन कर रहे पार्षदों ने प्रशासन के समक्ष अपनी तीन मुख्य मांगें और आरोप रखे:
- बिना कारण पाबंदी: बिना किसी ठोस आधार या जांच के पार्षदों पर 107/116 की धाराएं लगाई जा रही हैं।
- आवाज दबाने की साजिश: जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की आवाज को पुलिस बल के दम पर दबाने का प्रयास हो रहा है।
- एकतरफा कार्रवाई: पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय एकतरफा दबाव में काम कर रही है।
थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद शांत हुआ हंगामा, आमजन में भी चर्चा
Dabra थाने में घंटों चले इस गहमागहमी और हंगामे के बाद थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी पार्षदों से बातचीत की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। दूसरी ओर, त्योहारों के सीजन में जनप्रतिनिधियों पर इस प्रकार की कार्रवाई को लेकर स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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