Captain Smit Machhar:हरियाणा के निर्दलीय राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र से सम्मानित करने पर विचार करने का आग्रह किया है। सांसद ने अपने पत्र में कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ का उल्लेख करते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार के लिए योग्य बताया है।
174 यात्रियों की जान बचाने का दावा
Captain Smit Machhar:सांसद के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के दौरान असाधारण साहस दिखाया। पत्र में दावा किया गया है कि कॉकपिट में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बताया गया है कि इस विमान में 174 यात्री सवार थे। सांसद के अनुसार, कैप्टन मच्छार के प्रयासों से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी।
PM मोदी से सम्मान पर विचार करने की अपील
Captain Smit Machhar:कार्तिकेय शर्मा ने अपने पत्र में अशोक चक्र की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शांतिकाल में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान है। यह पुरस्कार युद्ध के मैदान से बाहर असाधारण साहस, वीरता और बलिदान के लिए दिया जाता है तथा इसके लिए नागरिक भी पात्र हो सकते हैं।
सांसद ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि कैप्टन मच्छार के कथित साहसिक कार्य का मूल्यांकन कर उन्हें अशोक चक्र दिए जाने पर विचार किया जाए।
युवाओं के लिए प्रेरणा बताया
Captain Smit Machhar:कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि कैप्टन मच्छार की कार्रवाई साहस, दृढ़ता और मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी की भावना को दर्शाती है। उनके मुताबिक, ऐसे सम्मान से देश के युवाओं को यह संदेश मिलेगा कि बहादुरी केवल सैन्य सेवा या किसी विशेष परिस्थिति तक सीमित नहीं होती।
उन्होंने पत्र में हरियाणा के उन लोगों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने देश की सेवा में साहस और समर्पण का उदाहरण पेश किया है।
कॉकपिट में को-पायलट से जुड़ी घटना
Captain Smit Machhar:उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर क्रैश ऐक्स से हमला किया था।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान को सुरक्षित रखने के लिए काम जारी रखा। इस घटना के बाद उनके साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई और कई लोगों ने उनकी भूमिका की सराहना की।
अब सांसद कार्तिकेय शर्मा की ओर से अशोक चक्र के लिए की गई मांग पर सरकार के स्तर पर विचार किया जाना बाकी है।

