रिपोर्टर: संजीव कुमार शर्मा
Bokaro : झारखंड के बोकारो जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ करीब तीन साल से लापता युवक का नरकंकाल पुलिस ने कब्रिस्तान से बरामद किया है। यह मामला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई की कहानी भी बयां करता है।

Bokaro 2022 से लापता था खालिक, अब मिला हड्डियों का अवशेष
मृतक की पहचान खालिक बाबू अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बरमसिया थाना क्षेत्र के आरता गांव का निवासी था। जानकारी के अनुसार, खालिक 16 जून 2022 की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। लापता होने के समय वह भर्रा बांका पुल के समीप शमीम अंसारी के मकान में किराए पर रह रहा था। 18 जून 2022 को उसकी पत्नी हिना बीवी ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने मारपीट के बाद अपहरण की आशंका जताई थी।
Bokaro हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से खुली ठंडे बस्ते में पड़ी फाइल
खालिक की गुमशुदगी के बाद सालों तक पुलिस के हाथ खाली रहे और मामला फाइलों में दबा रहा। थक-हारकर परिजनों ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट की कड़ी फटकार और सख्त निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। वर्ष 2025 में इस केस को दोबारा खोला गया और नए सिरे से जांच शुरू की गई। इसी जांच की कड़ी में पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर भर्रा कब्रिस्तान में खुदाई की गई और खालिक का नरकंकाल बरामद हुआ।
Bokaro एफएसएल की मौजूदगी में कब्रिस्तान सील, जांच तेज
नरकंकाल की बरामदगी के समय चास एसडीपीओ के साथ चास, हरला और सेक्टर-4 थाना के प्रभारी मौजूद थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एफएसएल (FSL) टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। फिलहाल पूरे कब्रिस्तान परिसर को सील कर दिया गया है और बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित है। हड्डियों के अवशेषों को डीएनए परीक्षण और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का पता लगाया जा सके।
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