CM School of ExcellenceCM School of Excellence
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CM School of Excellence : सिमडेगा की उपायुक्त (डीसी) कंचन सिंह ने प्रशासनिक दायित्वों से परे जाकर संवेदनशीलता और अपनेपन की एक अनूठी मिसाल पेश की है। चुनाव और मतदाताओं से जुड़े सरकारी कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ की छात्राओं को अपने सरकारी आवास पर आमंत्रित किया। चिलचिलाती गर्मी के बीच उपायुक्त आवास का बगीचा उस वक्त जीवंत हो उठा जब इन नन्हीं बच्चियों ने वहां पेड़ों से खुद आम तोड़े, मस्ती की और प्रकृति की गोद में बैठकर इस पल का आनंद लिया। उपायुक्त की इस आत्मीय पहल ने जिला प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को पाटते हुए समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है।

CM School of Excellence बूथ निरीक्षण के दौरान याद आया बचपन, बेटियों को दिया खास न्योता

दरअसल, उपायुक्त कंचन सिंह भारत निर्वाचन आयोग के ‘सशक्त और समावेशी पंजीकरण’ (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाताओं की मैपिंग की समीक्षा करने के लिए कुछ मतदान केंद्रों (बूथों) के निरीक्षण पर निकली थीं। इसी सिलसिले में वे ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ पहुंचीं, जहां कक्षा 6वीं से 12वीं तक की छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ हॉकी खेल में भी जिले का नाम रोशन कर रही हैं।

स्कूल परिसर में बेटियों की चंचलता और ऊर्जा को देखकर उपायुक्त को अपने बचपन और किशोरावस्था के दिन याद आ गए। उन्होंने बिना किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए, उन बच्चियों को अपने आवास के बगीचे में आम खाने का स्नेहपूर्ण आमंत्रण दे दिया। इसके बाद उपायुक्त आवास का परिसर बच्चों की खिलखिलाहट, दौड़-भाग और उन्मुक्त हंसी से गूंज उठा, जिसने पूरे माहौल को एक बड़े परिवार के आंगन में तब्दील कर दिया।

CM School of Excellence सीएम हेमंत सोरेन के विज़न को धरातल पर उतार रहा जिला प्रशासन

इस भावुक और प्रेरणादायी अनुभव को साझा करते हुए उपायुक्त ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी का यह स्पष्ट विज़न है कि राज्य के बच्चे न केवल पढ़ाई-लिखाई में अव्वल आएं, बल्कि वे एक संवेदनशील, जिम्मेदार और समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक के रूप में भी विकसित हों।

इसी सोच के अनुरूप सिमडेगा जिला प्रशासन बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके सर्वांगीण (समग्र) व्यक्तित्व विकास के लिए लगातार काम कर रहा है। उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि विशेषकर आवासीय विद्यालयों में रहने वाली बेटियों को घर से दूर होने पर भी अपनत्व, सुरक्षा और स्नेह का वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी डर या हिचकिचाहट के अपने सपनों को पूरा कर सकें।

CM School of Excellence प्रशासन और समाज के बीच बढ़ेगा विश्वास, मजबूत होगी नींव

उपायुक्त कंचन सिंह के मुताबिक, इस तरह के आत्मीय आयोजन केवल एक मुलाकात नहीं हैं, बल्कि ये प्रशासनिक संस्थाओं और आम समाज के बीच के संबंधों को मजबूत करने का जरिया हैं। जब देश का भविष्य यानी ये बच्चे प्रशासनिक अधिकारियों और कार्यालयों को संवेदनशील, सुलभ और अपनेपन से भरा हुआ पाते हैं, तो उनके मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास और एक सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा होता है। यही सकारात्मकता भविष्य के एक सशक्त और संवेदनशील समाज की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच बच्चों के साथ बिताया यह समय उनके खुद के लिए भी अत्यंत सुखद और नई ऊर्जा प्रदान करने वाला रहा।

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