रिपोर्टर: नेहा गुप्ता
Bhojpur : जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में हुए विवादित एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद विशेष कार्य बल (STF) के आरोपी जवान अक्षय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक जांच दोनों समांतर रूप से जारी हैं।
Bhojpur आत्मसमर्पण के बावजूद गोली चलाने का आरोप, तकनीकी जांच से हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही आरोपी एसटीएफ जवान फरार चल रहा था, जिसे पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर दबोच लिया। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार पर आरोप है कि उसने सरेंडर कर चुके भरत तिवारी पर पहली गोली चलाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई है।
Bhojpur परिजनों ने लगाया था फर्जी एनकाउंटर का आरोप, वीडियो हुआ था वायरल
यह पूरा मामला 17 जुलाई 2026 का है, जब बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि भरत ने अपने हाथ उठाकर आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे बेहद करीब से गोली मारी गई। घटना से जुड़े कुछ कथित वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक तूल पकड़ लिया था, जिसके बाद निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई थी।
डीजीपी का बयान: ‘कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई, न्यायिक रिपोर्ट का इंतजार’
शनिवार को पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस अनुसंधान में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसी के आधार पर आरोपी जवान को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की पुलिसिया तफ्तीश के साथ-साथ न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) भी चल रही है। जांच एजेंसियां घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ रही हैं और न्यायिक जांच की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आगे के कड़े कदम उठाए जाएंगे।

