रिपोर्टर: दीनानाथ माऔर
Aurangabad : बिहार के औरंगाबाद में ‘अरनव तूफान’ के प्रभाव से पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जहां आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, वहीं सबसे बड़ी मार अन्नदाताओं पर पड़ी है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और उम्मीदें पानी में मिल गई हैं।
धान की फसल को भारी नुकसान, 50% से अधिक फसल बर्बाद
Aurangabad जिले में प्रमुख रूप से उगाई जाने वाली ‘नाटी मंसूरी’ धान की फसल अभी बाली निकलने के नाजुक दौर में थी। लगातार तेज हवा और बारिश के चलते खेतों में लहलहाती फसल बिछ गई है। किसानों का अनुमान है कि इससे 50 प्रतिशत से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। साल भर की कमाई और बच्चों के भविष्य के सपने इस तबाही में धूल मिल गए हैं।
किसानों के अरमानों पर फिरा पानी, पिछले साल जैसी ही स्थिति
Aurangabad किसानों का दर्द छलक उठा है क्योंकि वे पहले ही पिछले साल हुई ऐसी ही बर्बादी का दंश झेल चुके हैं। इस साल फसल काफी बेहतर थी और किसानों को उम्मीद थी कि इससे बेटी की शादी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकल जाएगा। लेकिन इस आफत ने उनके सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया है।
सरकार से मुआवजे की मांग, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
Aurangabad संकट की इस घड़ी में किसानों ने सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि समय रहते उचित मुआवजा नहीं मिला, तो किसानों के सामने भुखमरी की नौबत आ जाएगी और वे खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत राशि देने की मांग की है।

