रिपोर्टर: प्रताप सिंह बघेल
Morena : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुरैना के पूर्व डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर को दुष्कर्म के मामले में बड़ी राहत दी है। लगभग पांच महीने से जेल में बंद अरविंद माहौर की जमानत याचिका अदालत ने स्वीकार कर ली है। हाई कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई का आदेश जारी किया है, जिसके बाद उनके जेल से बाहर आने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का लगा था आरोप
Morena यह पूरा मामला एक 32 वर्षीय युवती की शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वर्ष 2025 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान तत्कालीन सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर से हुई थी। युवती का दावा था कि शादी का वादा करके अरविंद माहौर ने उसके साथ कई मौकों पर शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने सर्किट हाउस के पास, सरकारी आवास और ग्वालियर स्थित फ्लैट में भी शोषण किए जाने के आरोप लगाए थे।
निचली अदालत से झटका लगने के बाद खटखटाया था हाई कोर्ट का दरवाजा
Morena जून 2026 में पीड़िता की शिकायत पर मुरैना के सिविल लाइन थाना पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें शुरुआत में मुरैना सब जेल और बाद में ग्वालियर सेंट्रल जेल में रखा गया था। सत्र अदालत से जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।
50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई मंजूर
Morena हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनी गईं। परिस्थितियों पर विचार करते हुए अदालत ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर आरोपी को जमानत देने का फैसला सुनाया। पांच महीने बाद मिली इस कानूनी राहत के बाद यह बहुचर्चित मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
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