Fatehpur Murder CaseFatehpur Murder Case
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Fatehpur Murder Case:उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से पांच साल पहले सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायालय ने एक भोजपुरी फिल्म के राइटर पति और उसकी प्रेमिका—जो खुद को भोजपुरी अभिनेत्री बताती है—को पत्नी की निर्मम हत्या का दोषी करार दिया है। इस मामले में कोर्ट 6 नवंबर को सजा का ऐलान करेगी, तब तक दोनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

क्या था पांच साल पुराना पूरा मामला?

Fatehpur Murder Case:यह सनसनीखेज वारदात फतेहपुर जिले के थरियांव थाना क्षेत्र की है। मृतका के भाई सत्य प्रकाश ने 26 दिसंबर 2021 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बहन योगमाया की शादी 10 फरवरी 2015 को इंद्रमोहन लोधी के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति इंद्रमोहन दहेज के लिए योगमाया को लगातार प्रताड़ित करने लगा था।

अवैध संबंध और रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश

Fatehpur Murder Case:पुलिस और अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुख्य आरोपी इंद्रमोहन भोजपुरी फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग का काम करता था। इसी दौरान उसका संपर्क नेहा वर्मा नाम की एक युवती से हुआ, जिसे वह अपनी फिल्म की अभिनेत्री बताता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच अवैध संबंध गहरे हो गए।

जब योगमाया को अपने पति और उस युवती के इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। योगमाया इस प्रेम प्रसंग के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रही थी, जिसके चलते पति इंद्रमोहन और उसकी प्रेमिका नेहा वर्मा ने मिलकर उसकी हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली।

26 दिसंबर 2021 की रात को दोनों ने मिलकर धारदार हथियार से गला रेतकर योगमाया की बेरहमी से जान ले ली। वारदात के बाद आरोपी प्रेमिका ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया और घर के दूसरे कमरे में सो रहे सास-ससुर को जगाकर हत्या का ठीकरा अज्ञात हमलावरों पर फोड़ने की नाकाम कोशिश की ताकि किसी को उन पर शक न हो।

डीएनए टेस्ट और नाखूनों में मिले बालों ने खोले सारे राज

Fatehpur Murder Case:इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस और फोरेंसिक टीम के वैज्ञानिक साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। सरकारी वकीलों ने बताया कि जब योगमाया की हत्या की जा रही थी, तो उसने अपनी जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। हाथापाई के दौरान मृतका के नाखूनों में प्रेमिका नेहा वर्मा के बाल फंस गए थे।

पुलिस ने जब उन बालों का डीएनए (DNA) टेस्ट कराया, तो वह सीधे तौर पर नेहा वर्मा के डीएनए से मेल खा गए। इसके अलावा, मेडिकल जांच में नेहा के शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले, जो संघर्ष की गवाही दे रहे थे। वहीं, घटनास्थल से बरामद खून के नमूनों का मिलान मृतका के पति इंद्रमोहन से किया गया, जिसकी पुष्टि भी डीएनए रिपोर्ट से हो गई। इन अटूट वैज्ञानिक सबूतों और मजबूत गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को हत्या का दोषी माना।

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