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रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर

Supaul : सुपौल जिले के विभिन्न प्रखंडों में बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अभियान के जरिए जिले के कई विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और बाल सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे वे अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क और जागरूक हो सकें।

पांच प्रखंडों के विद्यालयों में चला जागरूकता अभियान

Supaul जिला प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से सुपौल सदर, पिपरा, सरायगढ़-भपटियाही, त्रिवेणीगंज और किशनपुर प्रखंडों के विद्यालयों में यह कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान स्कूली बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें शिक्षा, विकास और संरक्षण जैसे मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों में अपने अधिकारों को लेकर समझ विकसित हुई है।

पॉक्सो अधिनियम और लैंगिक सुरक्षा पर विशेष चर्चा

Supaul कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा और ‘पॉक्सो अधिनियम’ (POCSO Act) के प्रावधानों से अवगत कराना था। विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने बच्चों को सरल भाषा में समझाया कि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। साथ ही, उन्हें संकट के समय मदद पाने के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।

कई संस्थानों की सहभागिता से सफल हुआ अभियान

Supaul इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में विभिन्न प्रशासनिक और सामाजिक संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान, सुपौल के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बच्चों को सुरक्षित माहौल देने का संकल्प दोहराया।

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