RaipurRaipur
Spread the love

रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Raipur : छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने भ्रष्टाचार निवारण की विशेष अदालत में दसवां चालान प्रस्तुत कर दिया है। लगभग 27 हजार पन्नों के इस व्यापक चालान में 20 व्यक्तियों और 22 फर्मों व कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में अवैध शराब की बिक्री, डुप्लीकेट होलोग्राम के इस्तेमाल, विदेशी शराब कंपनियों से कमीशनखोरी और हवाला के जरिए दुबई तक पैसे भेजने के गंभीर आरोपों का विस्तृत खुलासा किया है।

तीन स्तरों पर संचालित होता था अवैध वसूली का सिंडिकेट

Raipur EOW और ACB की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी से जुड़ा कथित सिंडिकेट तीन प्रमुख स्तरों पर अपनी गतिविधियां चला रहा था। इनमें वैध शराब की आपूर्ति पर कमीशन वसूलना, बिना आबकारी शुल्क चुकाए अतिरिक्त शराब का उत्पादन व बिक्री करना, तथा विदेशी शराब कंपनियों से अवैध कमीशन हासिल करना शामिल था। जांच के अनुसार, इस पूरी अवैध प्रक्रिया से प्राप्त रकम को नकद रूप में रखकर अलग-अलग व्यक्तियों, फर्जी कंपनियों और हवाला कारोबारियों के माध्यम से ठिकाने लगाया जाता था, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

पार्टी फंड के नाम पर 1000 करोड़ का खेल और हवाला नेटवर्क

Raipur चालान में सबसे बड़ा खुलासा रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका को लेकर हुआ है, जिनपर पार्टी फंड के नाम पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि लेने और उसका हिसाब रखने का गंभीर आरोप है। इस अवैध रकम को यश टुटेजा, अख्तर ढेबर और अन्य सहयोगियों के माध्यम से जमीनों की खरीद-बिक्री तथा असुरक्षित ऋण (Unsecured Loans) के रूप में निवेश कर वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, विकास अग्रवाल और सुमित मालू जैसे हवाला कारोबारियों के जरिए यह काला धन आंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और दुबई तक पहुंचाया जाता था, जहां शेल कंपनियों के जरिए बैंकिंग एंट्री ली जाती थी।

15 जिलों में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री और आगे की कार्रवाई

Raipur जांच एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में ‘पार्ट-B’ के तहत शराब की 60 लाख से अधिक अवैध पेटियों की बिक्री की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 2,174 करोड़ रुपये से ज्यादा है। विदेशी शराब की FL-10A व्यवस्था और कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी नियमों को ताक पर रखकर अवैध कारोबार जारी रखने के प्रमाण मिले हैं। वर्तमान में इस मामले में रामगोपाल अग्रवाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि विदेश भागे बीआर लोहिया के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। अदालत अब इन तमाम साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही तय करेगी।

ये भी पढ़े: Divya Mittal : पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने बनाई ‘जन नीति भारत’ पार्टी, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान