रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Kanker : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित ‘विकसित भारत जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना में कार्यरत तकनीकी सहायकों ने अपनी पुरानी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी नियमितीकरण, नियमित पदों के सृजन और सेवा शर्तों में सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं। तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर बैठे इन तकनीकी सहायकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
नियमितीकरण और पदनाम बदलने की प्रमुख मांग
Kanker हड़ताल पर बैठे तकनीकी सहायकों की सबसे प्रमुख मांग संविलियन के जरिए सेवा का नियमितीकरण करना है। तकनीकी सहायक प्रताप सिंह के अनुसार, जब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक पंचायत विभाग के सामान्य नियमों के तहत उनसे काम लिया जाए। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों ने मांग रखी है कि उनके पद का नाम बदलकर ‘कनिष्ठ अभियंता (VB-G RAM G)’ किया जाए। आपको बता दें कि वर्तमान में कांकेर जिले में 52 और पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 1,263 तकनीकी सहायक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
चुनावी वादे और वेतन में देरी से गहराया आर्थिक संकट
Kanker तकनीकी सहायक मनीष देवांगन ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के समय संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों के भीतर नियमित करने का ठोस आश्वासन दिया गया था। फाइलें आगे बढ़ने के बावजूद अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा, समय पर मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस भरने से लेकर दैनिक जरूरतों के लिए कर्मचारियों को कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका
Kanker तकनीकी सहायक मोनिका साहू ने बताया कि गांवों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मजदूरों को रोजगार देने, योजनाओं के मूल्यांकन और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यह तीन दिवसीय प्रदर्शन केवल एक चेतावनी है; यदि सरकार का सकारात्मक रुख नहीं रहा, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल जाएगा।

